23.1.17

UPTET मोर्चा ने 22 फरवरी को सुप्रीमकोर्ट में दिनभर होने वाली सुनवाई की तैयारियो के मद्देनजर S.k. Pathak और Ganesh Dixit ने की मीटिंग

पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार आज लखनऊ के बरादारी पार्क कैसरबाग़ में आगामी #22फरवरी को माननीय उच्चतम न्यायालय में दिनभर होने वाली सुनवाई की तैयारियो के मद्देनजर एक प्रदेश स्तरीय मीटिंग का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता श्रीमान S.k. Pathak जी और श्रीमान Ganesh Dixit जी द्वारा की गयी।।

मीटिंग में आगामी सुनवाई को लेकर तैयारी और भावी रणनीति पर प्रदेश भर से आये साथियों के साथ सम्यक विचार विमर्श हुआ जिसके बारे में आपको बता दिया जायेगा।।
मीटिंग में उपस्थित विभिन्न जिलो से आये साथियों द्वारा निम्न मुद्दे उठाये गये जिनका त्वरित क्रियान्वयन प्रारम्भ किया गया। ये इस प्रकार है--
1. आगामी 22फरवरी को होने वाली अतिमहत्वपूर्ण सुनवाई हेतु तैयारी, कोष से सम्बंधित सुचिता और उपयुक्त वकीलों का चयन हो इसपर जोर दिया गया तथा आये हुए समस्त साथियों के विचारों के अनुसार इसपर क्रियान्वयन होगा।।
2. साथ ही भविष्य में हमारा अस्तित्व इसी प्रकार बना रहे इस हेतु संगठन को मजबूत बनाने की प्रक्रिया त्वरित शुरू होने पर मुहर लगी जो कि 22 की सुनवाई के बाद अपना मूल स्वरुप प्राप्त करेगी।।
3. सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों से कोई साथी न परेशान हो इस हेतु अधिकृत फेसबुक और whatsapp पेज बनेगा उसी पर समस्त जानकारी साझा होगी।।
4. भविष्य में संगठन को अत्याधुनिक बनाया जायेगा उसपर विस्तार से चर्चा सुनवाई बाद ।।
5. वित्तीय सुचिता हेयु सभी जिलो से परामर्श और व्यय हेतु जिले से कोई भी साथ जा सकता है।।
धन्यवाद्।।
आपका-
सुधेश पाण्डेय
उ0प्र0 टेट मोर्चा।।

टीईटी पास अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, समायोजन की मांग पूरी न होने पर दी आन्दोलन की चेतावनी

टीईटी पास अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, समायोजन की मांग पूरी न होने पर दी आन्दोलन की चेतावनी

आयोग अपनी ही धुन में परिषद पर आचार संहिता, माध्यमिक के बाद बेसिक शिक्षा में भी लगभग सारी गतिविधियां पड़ी ठप

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : प्रदेश भर में युवाओं को नौकरियां देने वाले संस्थान, बोर्ड एवं आयोगों का इन दिनों नजारा अलग-अलग है। लगभग सभी बोर्ड एवं आयोगों में पहले से संचालित चयन प्रक्रिया बिना किसी गतिरोध के संचालित है, वहीं बेसिक शिक्षा परिषद में आचार संहिता के नाम पर काउंसिलिंग व तैनाती रोक दी गई हैं, जबकि चुनाव के पहले अफसरों ने युवाओं को आश्वस्त किया था कि फलां-फलां भर्ती में आचार संहिता का कोई रोड़ा नहीं होगा।
लोकसेवा व उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग : उप्र लोकसेवा आयोग पहली बार स्टाफ नर्सो की बड़े पैमाने पर भर्ती कराने जा रहा है। पिछले दिनों इसका विज्ञापन जारी हो गया है और आवेदन लिए जा रहे हैं, पशु
चिकित्साधिकारी समेत तमाम पदों पर सीधी भर्ती के तहत चयन होना है। उसके भी आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। दो दिन पहले ही सहायक अभियोजन अधिकारी यानी एपीओ 2015 की मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी हुआ है और अगले माह से साक्षात्कार शुरू होने हैं। इसके अलावा छिटपुट परिणाम आए दिन जारी हो रहे हैं। इसी माह पीसीएस 2017 का नोटीफिकेशन भी जारी करने की तैयारी है। उधर, उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में असिस्टेंट प्रोफेसर के 11 विषयों के परिणाम ताबड़तोड़ जारी हुए हैं। साथ ही साक्षात्कार इधर लगातार हो रहे हैं।
माध्यमिक चयन बोर्ड व निदेशालय : माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में इन दिनों प्रवक्ता एवं स्नातक शिक्षक यानी टीजीटी 2013 के साक्षात्कार एवं अंतिम परीक्षा परिणाम जारी हो रहे हैं। इसी के साथ चयनित अभ्यर्थियों को विद्यालयों का आवंटन भी हो रहा है। शिक्षा निदेशालय में राजकीय माध्यमिक कालेजों में 9342 एलटी ग्रेड शिक्षकों की नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे जा रहे हैं।
बेसिक शिक्षा व परीक्षा नियामक प्राधिकारी : बेसिक शिक्षा परिषद में इधर उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 29334 विज्ञान-गणित शिक्षकों की भर्ती में रिक्त पद भरने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन बीच में उसे आचार संहिता के नाम पर रोक दिया गया, जबकि यह भर्ती उच्च न्यायालय के निर्देश पर हो रही थी। इसी तरह शीर्ष कोर्ट के निर्देश पर प्राथमिक स्कूलों में प्रशिक्षु शिक्षक के रूप में नियुक्त 839 युवाओं की मौलिक नियुक्ति का आदेश हुआ, लेकिन बीएसए उसे भी रोके हैं। उच्च प्राथमिक स्कूलों के लिए 32 हजार से अधिक अंशकालिक अनुदेशकों की भर्ती के लिए आवेदन लिए जा चुके हैं, लेकिन काउंसिलिंग को रोका गया है।प्राथमिक स्कूलों में 12460 सहायक अध्यापक एवं 4000 उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आवेदन लिए जा चुके हैं। जिस तरह से पुरानी भर्तियां रोकी गई है उससे यह काउंसिलिंग फिलहाल होने के आसार नहीं है। यह जरूर है कि कोर्ट में अवमानना का प्रकरण फंसने पर परिषद ने 2013 की दस हजार सहायक शिक्षक भर्ती में शामिल होने के लिए डीएड अभ्यर्थियों से आवेदन मांगा है। उधर, परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय टीईटी 2016 की संशोधित उत्तर कुंजी जारी कर चुका है और अंतिम परिणाम घोषित करने की तैयारी में है।
आवेदन, इंटरव्यू व परीक्षा परिणाम की प्रक्रिया सब जगह पूर्ववत गतिमान
माध्यमिक के बाद बेसिक शिक्षा में भी लगभग सारी गतिविधियां पड़ी ठप

सीबीएसई में पीईटी पास ही बन सकेंगे प्रिंसिपल!, शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सीबीएसई ने लिया फैसला, और भी हो सकते हैं कई बदलाव

संजीव गिरि, इलाहाबाद
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के लिए लगातार नए कदम उठा रहा है। दसवीं कक्षा में दोबारा बोर्ड परीक्षा को जरूरी बनाने केप्रस्ताव केबाद अब सीबीएसई ने फैसला लिया है कि सीबीएसई संबंद्ध स्कूलों में कोई भी व्यक्ति सीधे प्रिंसिपल नहीं बन सकता है। यानि अब इच्छुक व्यक्ति को सीबीएसई स्कूल में प्रिंसिपल बनने के लिए पीईटी यानि (प्रिंसिपल पात्रता टेस्ट) देना होगा।

सीबीएसई ने यह फैसला स्कूलों में गुणवत्ता को बरकरार रखने के लिए लिया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पास कई बार यह शिकायत आ चुकी है कि कई स्कूल संचालक योग्य ना होने के बावजूद प्रिंसिपल का पद संभालते हैं, वहीं कई लोग सेवानिवृत्त होने के बाद सीबीएसई स्कूलों में प्रिंसिपल का पद संभाल लेते हैं। सीबीएसई के फैसले पर मानव संसाधन विकास मंत्रलय की मोहर लगनी बाकी है। इसके बाद यह देशभर में लागू हो जाएगा। सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक पीयूष शर्मा ने बताया कि प्रस्ताव की मंजूरी जल्द मिलने की संभावना है। शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर करने के उद्देश्य से यह पहल बोर्ड कर रहा है।
ऐसे होगा प्रिंसिपल का चयन
नई प्रक्रिया लागू होने पर पीईटी परीक्षा में सीनियर टीचर समेत अन्य शिक्षक भी आवेदन कर सकते हैं।
अभी तक प्रिंसिपल के सेलेक्शन स्कूल अध्यक्ष या सेक्रेटरी और मैनेजमेंट कमेटी मेंबर के फैसले के आधार पर होता है। नई प्रक्रिया में संस्था अध्यक्ष, सचिव, मैनेजमेंट कमेटी के मेंबर के अलावा एक सीबीएसई प्रतिनिधि और एक राज्य सरकार के शिक्षा विभाग का प्रतिनिधि होना अनिवार्य होगा।
ऑनलाइन होगी पीईटी परीक्षा
हालांकि सीबीएसई ने परीक्षा के लिए सिलेबस या नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। लेकिन सीबीएसई अधिकारियों के अनुसार प्रिंसिपल चयन प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन परीक्षा होगी। परीक्षा के बाद सीबीएसई की ओर से सफल अभ्यर्थी को प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इसके आधार पर वह किसी भी स्कूल में प्रिंसिपल पद के लिए आवेदन कर सकते हैं।