9.12.16
जल्द खाली होंगे शिक्षकों के 2500 पद, राजकीय कालेजों में एलटी ग्रेड शिक्षकों की नियुक्ति के लिए शासन ने नियमावली में किया बदलाव
इलाहाबाद : प्रदेश भर के राजकीय माध्यमिक कालेजों में भले ही नौ हजार से अधिक पदों पर भर्तियां होने जा रही हैं, लेकिन कुछ ही माह में करीब ढाई हजार से अधिक पद फिर रिक्त हो जाएंगे। नई भर्ती में खाली होने वाले
पद जोड़े भी नहीं जा सकेंगे, क्योंकि नए पदों के लिए शासन से अलग से अनुमोदन लेना होगा। ऐसे में कालेजों में शिक्षकों की कमी में बड़ा बदलाव आने के आसार नहीं है।
राजकीय कालेजों में एलटी ग्रेड शिक्षकों की नियुक्ति के लिए शासन ने नियमावली में बदलाव कर दिया है। इसी बीच विभाग ने प्रवक्ता एवं एलटी ग्रेड महिला संवर्ग की शिक्षिकाओं का प्रमोशन किया है। इससे कई पद खाली हुए हैं। साथ ही सेवानिवृत्त शिक्षकों के पद पहले से रिक्त चल रहे हैं। नई भर्तियों के लिए पिछले महीनों में सभी मंडलों से अधियाचन मांगा गया और उसी के अनुरूप भर्तियां होनी है। रिक्त पदों को भरने का यह प्रयास भी अधूरा है, क्योंकि बड़ी संख्या में शिक्षकों के प्रमोशन एवं नियुक्तियां अभी लंबित हैं।
प्रवक्ता पुरुष में 909, महिला के 709 पदों पर प्रमोशन रुका : प्रदेश के 1618 शिक्षकों का प्रवक्ता पद पर प्रमोशन होना है। इसका आदेश भी जारी हो चुका है, लेकिन वरिष्ठता का ऐसा पेंच फंसा है कि अब तक प्रमोशन सूची जारी नहीं हो सकी है। करीब तीन साल से यह पदोन्नति अटकी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने यह प्रक्रिया हर हाल में जून माह में पूरी करने का निर्देश दिया था, लेकिन प्रमोशन की गुत्थी सुलझ नहीं रही है। यह कब तक जारी होगी इस संबंध में अब कोई बोलने को तैयार नहीं है। प्रदेश के राजकीय इंटर कालेजों में इस समय प्रवक्ता पुरुष शाखा के 909 एवं महिला शाखा के 709 समेत कुल 1618 पद खाली चल रहे हैं। वैसे इन पदों पर प्रमोशन की कार्यवाही लोकसेवा आयोग के जरिए होनी है।
प्रधानाचार्य के 323 पद भी रिक्त : प्रदेश के राजकीय इंटर कालेजों (बालक/बालिका) में प्रधानाचार्य के पद काफी संख्या में एवं लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। इस समय उप्र शैक्षिक अध्यापन (अधीनस्थ राजपत्रित) पुरुष शाखा के 225, महिला शाखा के 51 एवं निरीक्षण शाखा के 47 समेत कुल 323 अधिकारियों की पदोन्नति उप्र शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) समूह ‘ख’ के पदोन्नति कोटे के रिक्त पदों पर पदोन्नति की कार्यवाही लोकसेवा आयोग उप्र इलाहाबाद के माध्यम से की जानी है।
डीपीसी की तैयारी
माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रवक्ता एवं एलटी ग्रेड महिला व पुरुष संवर्ग से अधीनस्थ राजपत्रित यानी हाईस्कूल के प्रधानाचार्य एवं इंटर कालेज में उप प्रधानाचार्य आदि पदों पर 389 शिक्षकों का प्रमोशन होना है। इसके लिए दस वर्ष की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों की गोपनीय आख्या मांगी गई है। इन पदों पर 14 दिसंबर को डीपीसी होने की उम्मीद है।
पद जोड़े भी नहीं जा सकेंगे, क्योंकि नए पदों के लिए शासन से अलग से अनुमोदन लेना होगा। ऐसे में कालेजों में शिक्षकों की कमी में बड़ा बदलाव आने के आसार नहीं है।
राजकीय कालेजों में एलटी ग्रेड शिक्षकों की नियुक्ति के लिए शासन ने नियमावली में बदलाव कर दिया है। इसी बीच विभाग ने प्रवक्ता एवं एलटी ग्रेड महिला संवर्ग की शिक्षिकाओं का प्रमोशन किया है। इससे कई पद खाली हुए हैं। साथ ही सेवानिवृत्त शिक्षकों के पद पहले से रिक्त चल रहे हैं। नई भर्तियों के लिए पिछले महीनों में सभी मंडलों से अधियाचन मांगा गया और उसी के अनुरूप भर्तियां होनी है। रिक्त पदों को भरने का यह प्रयास भी अधूरा है, क्योंकि बड़ी संख्या में शिक्षकों के प्रमोशन एवं नियुक्तियां अभी लंबित हैं।
प्रवक्ता पुरुष में 909, महिला के 709 पदों पर प्रमोशन रुका : प्रदेश के 1618 शिक्षकों का प्रवक्ता पद पर प्रमोशन होना है। इसका आदेश भी जारी हो चुका है, लेकिन वरिष्ठता का ऐसा पेंच फंसा है कि अब तक प्रमोशन सूची जारी नहीं हो सकी है। करीब तीन साल से यह पदोन्नति अटकी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने यह प्रक्रिया हर हाल में जून माह में पूरी करने का निर्देश दिया था, लेकिन प्रमोशन की गुत्थी सुलझ नहीं रही है। यह कब तक जारी होगी इस संबंध में अब कोई बोलने को तैयार नहीं है। प्रदेश के राजकीय इंटर कालेजों में इस समय प्रवक्ता पुरुष शाखा के 909 एवं महिला शाखा के 709 समेत कुल 1618 पद खाली चल रहे हैं। वैसे इन पदों पर प्रमोशन की कार्यवाही लोकसेवा आयोग के जरिए होनी है।
प्रधानाचार्य के 323 पद भी रिक्त : प्रदेश के राजकीय इंटर कालेजों (बालक/बालिका) में प्रधानाचार्य के पद काफी संख्या में एवं लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। इस समय उप्र शैक्षिक अध्यापन (अधीनस्थ राजपत्रित) पुरुष शाखा के 225, महिला शाखा के 51 एवं निरीक्षण शाखा के 47 समेत कुल 323 अधिकारियों की पदोन्नति उप्र शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) समूह ‘ख’ के पदोन्नति कोटे के रिक्त पदों पर पदोन्नति की कार्यवाही लोकसेवा आयोग उप्र इलाहाबाद के माध्यम से की जानी है।
डीपीसी की तैयारी
माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रवक्ता एवं एलटी ग्रेड महिला व पुरुष संवर्ग से अधीनस्थ राजपत्रित यानी हाईस्कूल के प्रधानाचार्य एवं इंटर कालेज में उप प्रधानाचार्य आदि पदों पर 389 शिक्षकों का प्रमोशन होना है। इसके लिए दस वर्ष की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों की गोपनीय आख्या मांगी गई है। इन पदों पर 14 दिसंबर को डीपीसी होने की उम्मीद है।
बगैर इजाजत यूपी बोर्ड के 16 फरवरी से 20 मार्च तक परीक्षा कार्यक्रम पर चुनाव आयोग ने लगाई रोक, दिन में किया था घोषित चुनाव आयोग ने शाम को लगाई रोक
राब्यू, लखनऊ/इलाहाबाद : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा-2017 के गुरुवार को दिन में जारी कार्यक्रम पर देर शाम चुनाव आयोग ने रोक लगा दी।
बगैर इजाजत के बगैर परीक्षा की तिथियां घोषित करने पर आयोग ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए शुक्रवार को सूबे के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा व निदेशक माध्यमिक शिक्षा को दिल्ली तलब कर लिया है। आयोग की बैठक के बाद 16 फरवरी से 20 मार्च के परीक्षा कार्यक्रम के साथ ही विधानसभा चुनाव की तिथियों की भी कुछ हद तक तस्वीर साफ हो सकती है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव शैल यादव ने गुरुवार मध्यान्ह में यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 16 फरवरी से 20 मार्च तक कराए जाने का कार्यक्रम घोषित किया।
बगैर इजाजत के बगैर परीक्षा की तिथियां घोषित करने पर आयोग ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए शुक्रवार को सूबे के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा व निदेशक माध्यमिक शिक्षा को दिल्ली तलब कर लिया है। आयोग की बैठक के बाद 16 फरवरी से 20 मार्च के परीक्षा कार्यक्रम के साथ ही विधानसभा चुनाव की तिथियों की भी कुछ हद तक तस्वीर साफ हो सकती है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव शैल यादव ने गुरुवार मध्यान्ह में यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 16 फरवरी से 20 मार्च तक कराए जाने का कार्यक्रम घोषित किया।
आयोग की सलाह से बनाएं परीक्षा कार्यक्रम, निर्देश न मिलने पर जारी किया था बोर्ड कार्यक्रम
राब्यू, लखनऊ : उत्तर प्रदेश, गोवा, मणिपुर, उत्तराखंड और पंजाब के अधिकारियों को चुनाव आयोग से सलाह के बाद ही बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम तय करने की हिदायत दी गई है। इन्हीं पांच राज्यों ने वर्ष 2017 में विधानसभा
चुनाव होने हैं। चुनाव आयोग के निदेशक निखिल कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि गोवा, मणिपुर और पंजाब विधानसभा का कार्यकाल 18 मार्च को खत्म हो रहा है जबकि उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल 26 मार्च व उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 27 मई, 2017 को खत्म होना है। लोक प्रतिनिधित्व कानून के तहत विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने के आखिरी छह महीनों में कभी भी चुनाव कराने का आयोग को अधिकार है। आदेश में कहा गया है कि आयोग जानता है कि साल की पहली छमाही में परीक्षाएं होती हैं। ऐसे में चुनाव व परीक्षा तारीखों में किसी तरह का टकराव टालने के लिए आयोग चाहता है कि संबंधित राज्यों में विभिन्न बोर्डो की परीक्षा की तिथियां घोषित करने से पहले उनसे राय मश्विरा कर लिया जाए।
चुनाव होने हैं। चुनाव आयोग के निदेशक निखिल कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि गोवा, मणिपुर और पंजाब विधानसभा का कार्यकाल 18 मार्च को खत्म हो रहा है जबकि उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल 26 मार्च व उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 27 मई, 2017 को खत्म होना है। लोक प्रतिनिधित्व कानून के तहत विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने के आखिरी छह महीनों में कभी भी चुनाव कराने का आयोग को अधिकार है। आदेश में कहा गया है कि आयोग जानता है कि साल की पहली छमाही में परीक्षाएं होती हैं। ऐसे में चुनाव व परीक्षा तारीखों में किसी तरह का टकराव टालने के लिए आयोग चाहता है कि संबंधित राज्यों में विभिन्न बोर्डो की परीक्षा की तिथियां घोषित करने से पहले उनसे राय मश्विरा कर लिया जाए।
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