20.12.16

प्रदेश के 25 जिलों में शिक्षक भर्ती नहीं, 12460 सामान्य एवं 4000 उर्दू शिक्षक भर्ती का मामला, इन जिलों में नहीं होंगी भर्तियाँ

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक विद्यालयों में 16460 शिक्षकों की भर्ती का शासनादेश जारी हो गया है, लेकिन प्रदेश के 25 जिलों में एक भी शिक्षक की तैनाती नहीं होगी। सारे पद 50 जिलों में ही बांटे गए हैं। मेरठ मंडल सहित सूबे के कुछ जिले तो ऐसे हैं जिन्हें दोनों भर्तियों में ठेंगा दिखाया गया है। वहीं, सीतापुर जिले ने शिक्षक भर्ती की आवंटित सीटों में फिर से बाजी मारी है। इसके पहले सीतापुर को 72 हजार शिक्षक भर्ती में भी सर्वाधिक सीटें आवंटित हुई थी।
प्रदेश में विधानसभा चुनाव के ऐन मौके परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में एक बार फिर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू होने को है। शासन ने पिछले सप्ताह 12460 सामान्य व 4000 पदों पर उर्दू भाषा के शिक्षकों की नियुक्तियों के लिए अलग-अलग आदेश जारी किया है। इस समय भर्ती कार्यक्रम का इंतजार हो रहा है। दोनों शिक्षक
भर्तियों में जिलेवार आवंटन भी किया जा चुका है। इस सूची में बड़ी संख्या में ऐसे भी जिले हैं जहां भर्ती नहीं होगी, क्योंकि उन्हें एक भी सीट नहीं मिली है। इनमें सबसे पहला नाम मेरठ मंडल का है। वहां के सभी छह जिलों मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़ और गौतमबुद्ध नगर को दोनों भर्तियों में ठेंगा दिखाया गया है।
4000 भर्ती में यह जिले नहीं : आगरा, बरेली, इलाहाबाद, गाजीपुर, लखनऊ, लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, कुशीनगर, संतकबीर नगर, झांसी, श्रवस्ती, मुरादाबाद, संभल, कानपुर नगर, इटावा, आजमगढ़, मऊ, सहारनपुर, मुजफ्फर नगर व शामली।
सबसे अधिक सीटें इनके पास : 4000 शिक्षकों की भर्ती में सबसे अधिक सीटें सीतापुर (364) मिली हैं। दूसरे नंबर पर बलिया (280), तीसरे पर गोंडा (196), चौथे पर रामपुर (168) व पांचवें पर हाथरस (165) सीट मिली है। 112460 भर्ती में यह जिले नहीं : आगरा, बरेली, शाहजहांपुर, इलाहाबाद, गाजीपुर, लखनऊ, लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, संतकबीर नगर, झांसी, मुरादाबाद, संभल, कानपुर नगर, इटावा, आजमगढ़, मऊ, सहारनपुर व मुजफ्फर नगर।
सबसेअधिक सीटें इनके पास : 12460 शिक्षकों की भर्ती में सबसे अधिक सीटें सीतापुर (1268) मिली हैं। दूसरे स्थान पर गोंडा (788), तीसरे पर बलिया (720), चौथे पर हाथरस (535) व पांचवें नंबर पर रामपुर (432) है।
नियुक्ति की अर्हता भी तय : शिक्षकों के सामान्य पदों पर भर्ती के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण बीटीसी/विशिष्ट बीटीसी अभ्यर्थी अर्ह होंगे। वहीं उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति के लिए उर्दू बीटीसी योग्यताधारी या 11 अगस्त 1997 से पहले के मोअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारकों और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से डिप्लोमा इन टीचिंग उत्तीर्ण करने वाले उन अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी जो भाषा शिक्षकों के लिए आयोजित अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण होंगे।



सपा प्रमुख के आश्वासन पर माने प्रदर्शनकारी शिक्षक

लखनऊ : मानक पर खरे उतरने वाले सभी जूनियर हाईस्कूल विद्यालय अनुदानित किए जाएंगे। सोमवार को सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल को यह आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में संघ के प्रदेश अध्यक्ष दुर्गा चरन सिन्हा, महामंत्री बांके बिहारी यादव आदि शामिल रहे। सपा मुख्यालय का घेराव करने जा रहे शिक्षकों की भारी भीड़ के कारण पार्क रोड से लेकर मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुबह दस बजे से लेकर दोपहर तक जाम की स्थिति रही।
उप्र बेसिक शिक्षक संघ के महामंत्री बांके बिहारी यादव ने बताया कि पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से सपा के
राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह ने वार्ता की। उन्होंने एमएलसी जगजीवन राम को आदेश दिया कि वह शीघ्र प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात करवा कर पात्र सभी जूनियर हाईस्कूल विद्यालयों को अनुदान सूची में शामिल करने की कार्रवाई करें। फिलहाल आश्वासन मिलने के बाद बीते शनिवार से चल रहा धरना-प्रदर्शन समाप्त हो गया है।

शिक्षकों का मनमाना तबादला कर फंसी सरकार, अलग से हुए तबादले पर कानूनी विवाद तय

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के अंतर जनपदीय तबादले में मनमानी पर सरकार फंसती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री के आदेश पर 35 उन शिक्षकों के भी ट्रांसफर कर दिए गए जो निर्धारित शर्तों को पूरा नहीं करते। इनमें से कुछ शिक्षक ऐसे हैं जिनको नौकरी मिले तीन साल भी पूरे नहीं हुए हैं।
23 जून 2016 को जारी अंतर जनपदीय तबादला नीति की पहली शर्त यही थी कि जनपद में प्रथम नियुक्ति तिथि से 31 मार्च 2016 तक तीन साल की सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों का ही ट्रांसफर होगा। लेकिन शासन ने सात दिसंबर को 35 शिक्षकों का अलग से तबादला कर दिया। ट्रांसफर आर्डर सचिव संजय सिन्हा के हस्ताक्षर से 10 दिसंबर को जारी किया गया।  

इसमें कई शिक्षक ऐसे हैं जो तीन साल की सेवा शर्त पूरी नहीं करते। इनमें से कुछ शिक्षक प्राथमिक स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती और उच्च प्राथमिक स्कूलों में विज्ञान व गणित विषय के 29,334 सहायक अध्यापक भर्ती में नियुक्ति पाए हैं। सूत्रों के अनुसार 96 शिक्षकों की एक और लिस्ट शासन ने अलग से तैयार की है।
अलग से हुए तबादले पर कानूनी विवाद तय


इलाहाबाद। शासन के आदेश पर किए गए 35 शिक्षकों के अंतर जनपदीय तबादले पर कानूनी विवाद होना तय है। दरअसल सैकड़ों ऐसे शिक्षकों ने अंतर जनपदीय तबादले के लिए आवेदन किया था जो गंभीर रूप से बीमार था या दूसरी पारिवारिक समस्या थी। लेकिन तीन साल की सेवा शर्त पूरी नहीं करने के कारण उनके आवेदन निरस्त कर दिए गए। अब जब सरकार ने खुद कायदे-कानून दरकिनार करते हुए 35 शिक्षकों के ट्रांसफर कर दिए तो उन शिक्षकों का हाईकोर्ट जाना तय है जिनके आवेदन इसी आधार पर निरस्त किए गए थे।
अंतर जनपदीय तबादले की दूसरी लिस्ट जारी होगी
इलाहाबाद। परिषदीय स्कूल के शिक्षकों के अंतर जनपदीय तबादले की एक और लिस्ट जारी होगी। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सरकार ने दूसरी लिस्ट जारी करने की अनुमति दे दी है। सरकार का आदेश बेसिक शिक्षा परिषद को सोमवार को प्राप्त हो गया। माना जा रहा है कि इसी सप्ताह दूसरी लिस्ट जारी हो जाएगी। गौरतलब है कि 21 अगस्त को 15078 शिक्षकों का अंतर जनपदीय तबादला किया गया था।

92 फीसदी ने दी टीईटी, 27 तक देंगे उत्तरमाला

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2016 सोमवार को प्रदेश के 858 केन्द्रों पर शांतिपूर्वक संपन्न हुई। परीक्षा नियामक प्राधिकारी को जिलों से रिपोर्ट के मुताबिक दोनों पालियों की परीक्षा में तकरीबन 92 प्रतिशत अभ्यर्थी शामिल हुए। रजिस्ट्रार नवल किशोर ने बताया कि परीक्षा की उत्तरमाला 27 दिसंबर तक वेबसाइट पर जारी कर दी जाएगी।
10 बजे पहली पाली की परीक्षा शुरू होने के कुछ समय पहले पेपर लीक होने की अफवाह बड़ी तेजी से फैली। व्हाट्सएप पर कुछ पेपर और उसका हल भी चलने लगा लेकिन जांच में पता चला कि दो फरवरी 2016 को आयोजित टीईटी-15 का पेपर ही शरारती तत्वों ने वायरल कर दिया था।

अंबेडकरनगर के संत कबीर इंटर कॉलेज से एक अभ्यर्थी प्राथमिक स्तर की परीक्षा के बाद मूल ओएमआर शीट भी लेकर भाग गया। उसके खिलाफ एफआईआर करवाने के आदेश दिए गए हैं। जालौन समेत एक-दो जिले से ऐसी भी रिपोर्ट मिली की अभ्यर्थी बी और सी कॉपी लेकर चले गए। लेकिन मूल ओएमआर नहीं ले जाने के कारण कोई कार्रवाई नहीं की गई।

सुबह 10 से 12.30 बजे की पहली पाली में हुई उच्च प्राथमिक स्तर और 2.30 से पांच बजे की दूसरी पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा हुई। उच्च प्राथमिक व प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए क्रमश: 5,01,821 और 2,54,068 अभ्यर्थी पंजीकृत थे।

  • प्रवेश नहीं मिलने पर युवक ने किया हंगामा
इलाहाबाद। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कटरा पर देरी से परीक्षा देने पहुंचे युवक को प्रवेश नहीं मिला तो उसने अपने कपड़ों को उतारकर बवाल काटना शुरू कर दिया। मरैके पर पहुंची पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और कर्नलगंज थाने लेती गई। बाद में उसे छोड़ दिया गया। नियम के अनुसार परीक्षा शुरू होने के दस मिनट के अंदर कोई अभ्यर्थी पहुंचता है तो उसे प्रवेश दिया जाता है। हालांकि इस घटना की जानकारी परीक्षा नियामक प्राधिकारी को नहीं दी गई।