3.4.17

यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम में होगा बड़ा बदलाव, अगले सत्र से यूपी बोर्ड कोर्स एनसीईआरटी की तर्ज पर

अगले शैक्षिक सत्र से यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की तर्ज पर होगा। यूपी बोर्ड से मान्यताप्राप्त स्कूलों में पढ़ाई के लिए भी एनसीईआरटी की किताबों का इस्तेमाल होगा। शासन स्तर पर इस बारे में सहमति बन जाने के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग इस दिशा में कदम बढ़ाने जा रहा है।

एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम को अपनाने के पीछे मकसद यह है कि प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्रएं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सक्षम हो सकें। साथ ही, यदि किसी छात्र-छात्र को उसके अभिभावक के तबादले के कारण अन्य प्रदेश में पढ़ाई के लिए जाना पड़े तो उसका नुकसान न हो क्योंकि एनसीईआरटी पैटर्न पर चलने वाले सीबीएसई बोर्ड से मान्यताप्राप्त स्कूल दूसरे राज्यों में भी हैं। प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने बताया कि एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम को लागू करने का एक परिणाम यह होगा कि इंटरमीडिएट स्तर पर किसी एक विषय में दो की बजाय सिर्फ एक प्रश्नपत्र होगा। इससे परीक्षाएं जल्दी समाप्त होंगी। रिजल्ट भी जल्दी घोषित होगा।
योगाभ्यास करेंगे विद्यार्थी : नए शैक्षिक सत्र से माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को नियमित योगाभ्यास कराया जाएगा। मंशा है कि विद्यालयों में सुबह प्रार्थनासभा के बाद योगाभ्यास कराया जाए और इसके बाद कक्षाएं शुरू होंगी। इसके लिए राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों को योग का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों को दो महीने का योग प्रशिक्षण दिलाने का प्रस्ताव मंजूर हो गया है।
वाद-विवाद, निबंध लेखन पर होगा जोर : अगले शैक्षिक सत्र के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग जो खाका तैयार कर रहा है, उसमें हर हफ्ते में एक पीरियड वाद-विवाद और निबंधन लेखन का होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के कामकाज की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर खासा जोर देते हुए स्कूलों में वाद-विवाद प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक आयोजनों पर विशेष बल दिया था।पढ़ाई के लिए इस्तेमाल होंगी एनसीईआरटी की किताबें
इंटर में हर विषय में दो की बजाय सिर्फ एक प्रश्नपत्र होगा

11 अप्रैल की सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई हेतु शिक्षामित्र संगठन ने शुरू की तैयारी

एटा जनपद के समस्त
सम्मानित साथियो नमस्कार,
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

 ● 11 अप्रैल की सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई हेतु संगठन ने शुरू की तैयारी।
● प्रदशनी पंडाल में होने वाला 23 अप्रैल को

 " प्रांतीय शिक्षक सम्मेलन"
होगा ऐतिहासिक । बनाएगा नया कीर्तिमान  ।
● महिला मोर्चा की संगठन मंत्री के पद पर सघंर्षशील साथी श्रीमती मनोज बघेल का किया गया मनोनयन।

        उ0प्र0 प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ जनपद, एटा की एक अति आवश्यक बैठक सुभाष चंद्र बोष प्राथमिक विद्यालय शहीद पार्क के स्कूल में आयोजित की गई  जिसमें जिला संरक्षक एवं मंडल अध्यक्ष राजेश गुप्ता एवं जिला अध्यक्ष मनोज यादव ने संयुक्त रूप से बताया  आगामी 11 अप्रैल को मा0 सर्वोच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई के लिए प्रान्तीय कमेटी द्वारा तैयारी प्रारम्भ कर दी गई है, जिसके संबंध में देश के टॉप 10 वकीलों से संपर्क किया जा रहा है,किन्तु साथियों में छाई उदासीनता, मायूसी  और लापरवाही घातक सिद्ध हो सकती है।
       महामंत्री हरिओम प्रजापति,वरि0 उपाध्यक्ष मो0 इशाक, उपाध्यक्ष विजय प्रताप एवं मीडिया प्रभारी एस 0के0 राजपूत ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि इस बार राजकीय प्रदर्शनी पांडाल में 23 अप्रैल दिन रविवार को "विशाल प्रान्तीय शिक्षक सम्मेलन" का आयोजन संगठन के नेतृत्व में होना सुनिश्चित हुआ है जिसमे बेसिक शिक्षामंत्री  श्री मती अनुपमा जायसवाल जी, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री मा0 संदीप सिंह जी के अलावा अन्य मंत्रीगण एवं एटा -कासगंज के सभी विधायकों के साथ-साथ दो शिक्षामित्र जो कि 2017 के चुनाव में विधायक चुने गए हैं को एवं विभागीय उच्च अधिकारियों को
 भी आमंत्रित किया जाएगा, जिससे संगठन जनपद के समस्त सम्माननीय शिक्षक साथियों की समस्यायों का तत्काल निराकरण हो सके।
      महिला मोर्चा की कोषाध्यक्ष रमा मिश्रा , महामंत्री शैव्या चौहान, मीरा सिंह, विनीत यादव ने संयुक्त से महिला कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए महिला कार्यकारिणी की संगठन मंत्री के पद पर श्रीमती मनोज बघेल के मनोनयन पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा की इससे संगठन को मजबूती मिलेगी तथा संगठल को और मजबूत करने पर बल दिया।
       आज की बैठक में मुख्य रूप से संजय शर्मा , भूपेंद्र यादव, सुशील पचौरी,पंकज गोश्वामी, अनिल सोलंकी , पूरन सिंह यादव,अवधेश सिंह ,विनीत यादव, चंद्र पाल,विजय तिवारी, शैलेन्द्र सिंह,गजेंद्र सिंह, रीना यादव,अनुपम यादव,विपिन वाला,द्रोपदी,मंजू,रेखा राजपूत, संगीता, किरन यादव,नीरज यादव,छत्रपाल सिंह, अरविंद सिंह,मानिक चंद्र सहित अनेकों शिक्षक उपस्थित थे।
    आज की बैठक का संचालन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष प्रदीप राणा एवं अध्यक्षता  सुशील तिवारी एवं  ओमेंद्र सिंह कुशवाह ने सयुंक्त रूप से की।

हरिओम प्रजापति
महामंत्री
UPPSMS Etah

जिलों में रिक्तियां होने के बाद भी सीटें शून्य, 12460 सहायक अध्यापक व चार हजार उर्दू शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया का मामला

इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों में 12460 सहायक अध्यापक व चार हजार उर्दू शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया इस समय ठप है। सरकार सभी भर्तियों का पुनरीक्षण कर रही है, इसी बीच अभ्यर्थियों ने नियुक्तियों पर सवाल उठाए हैं। कहना है कि जिलों में रिक्तियां होने के बाद भी तमाम जिलों में सीटें शून्य कर दी गई हैं। इससे विभाग ही नियमावली का उल्लंघन कर रहा है। यह भर्तियां रद करके नये सिरे से भर्तियों का
विज्ञापन जारी किया जाए। विशिष्ट बीटीसी अभ्यर्थियों का कहना है कि 12460 शिक्षकों की भर्ती में 24 जिलों में सीटें रिक्त होने के बाद भी वहां की सीटें शून्य दिखाई गई हैं। शिक्षक नियमावली 1981 में प्रावधान है कि अभ्यर्थी ने जिस जिले में प्रशिक्षण प्राप्त किया है उसे पहले वहीं वरीयता दी जाए। बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने जिले में रिक्ति होने के बाद भी सीटें खाली न दिखाने से प्रशिक्षुओं ने कई जिलों में आवेदन किया है। नियमों को दरकिनार करके अभ्यर्थियों से कहा जा रहा है कि वह जिस जिले की मेरिट में आ रहे हैं वहां काउंसिलिंग कराएं। बीटीसी प्रशिक्षुओं ने रविवार को इलाहाबाद के चंद्रशेखर आजाद पार्क में बैठक करके निर्णय लिया कि जिला वरीयता हर हाल में मिलनी चाहिए। ऐसे में 12460 व 4000 सहायक अध्यापकों की भर्ती रद करके नए सिरे से विज्ञापन जारी किया जाए।