18.8.17

एडेड स्कूलों की शिक्षक भर्ती से जुड़ी फाइलें गायब

हिन्दुस्तान टीम, लखनऊ
- नियुक्ति फर्जीवाड़े के खुलासे पर शुरू हुई जांच, पूर्व डीआईओएस टू को नोटिस लखनऊ।
कार्यालय संवाददाता लालबाग गर्ल्स कॉलेज में 10 से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती हुई। कई महीने इन शिक्षकों का वेतन जारी किया गया। लेकिन, नियुक्तियों की जांच शुरू हुई तो शिक्षा विभाग से इन शिक्षकों की फाइलें ही गायब हो गई। यह एक मामला नहीं है। राजधानी के कई सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े तो दबाने के लिए फाइलें ही गायब कर दी गई है। इसका खुलासा विभागीय स्तर पर शुरू की गई जांच में हुआ है। जिसके बाद फाइलें की तलाश शुरू की गई है। फिलहाल, लालबाग गर्ल्स कॉलेज प्रकरण में माध्यमिक शिक्षा निदेशक अमर नाथ वर्मा ने संयुक्त शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर फाइल उपलब्ध कराने को कहा है। इस संबंध में पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय धीरेन्द्र नाथ सिंह को भी नोटिस भेजा गया है। इस अल्पसंख्यक विद्यालय में 10 से ज्यादा पदों पर हुई नियुक्तियों को लेकर विवाद हैं। इन नियुक्तियों में पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय धीरेन्द्र नाथ सिंह के रिश्तेदार से लेकर कई बड़े नेताओं और अधिकारियों के करीबियों की नियुक्तियां हुई है। आरोप है कि नियुक्तियों में खेल किया गया है। नियमों को अनदेखा कर नौकरी बांट दी गई। फाइलें गायब, कई बड़े शामिल : सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में नियुक्ति के इस खेल को अंजाम देने के बाद कई संस्थानों के दस्तावेज गायब कर दिए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ.मुकेश कुमार सिंह के कार्यालय से लेकर डीआईओएस टू के कार्यालय तक में कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। जिसके बाद इनकी तलाश शुरू की गई है। संयुक्त शिक्षा निदेशक सुरेन्द्र तिवारी का कहना है कि फाइलें तलाशी जा रही हैं।

6 जिलों को नए मिले नए बीएसए

राज्य मुख्यालय। प्रदेश सरकार ने 6 जिलों में नए बीएसए की तैनाती की है। वहीं चंदौली के बीएसए संतोष कुमार सिंह को निदेशालय से सम्बद्ध कर दिया है। इस संबंध में आदेश जारी हो गए हैं। नाम कहां थे कहां गए गौतम प्रसाद प्रा, राजकीय इंटर कॉलेज, बिधूना, कानपुर बीएसए, अमरोहा अनिल कुमार प्रा., सुरूआदलापुर, इलाहाबाद बीएसए, फर्रुखाबाद वीरेन्द्र प्रताप सिंह व.प्र., डायट, बलरामपुर बीएसए, बांदा संजीव कुमार सिंह एडी, मिड डे मील, लखनऊ बीएसए, मथुरा भोलेन्द्र प्रताप सिंह एडीआईओएस, वाराणसी बीएसए, चंदौली ब्रजभूषण चौधरी व.प्र., डायट, फतेहपुर बीएसए, वाराणसी संतोष कुमार सिंह बीएसए, चंदौली सम्बद्ध बेसिक शिक्षा निदेशालय, लखनऊ

सत्याग्रही शिक्षामित्र शिक्षा सहायक पद को अड़े

जागरण संवाददाता, आगरा: डायट परिसर में (बीएसए कार्यालय) पर शिक्षामित्रों ने गुरुवार को सत्याग्रह किया। वीरेंद्र छौंकर और प्रदीप उपाध्याय समेत 21 शिक्षामित्र क्रमिक अनशन पर बैठे। शिक्षामित्रों ने सभा कर प्रदेश सरकार को कोसा। उन्होंने कहा कि सरकार उनका अध्यादेश के तहत शिक्षा सहायक पद पर समायोजन करे। साथ ही शिक्षामित्रों ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर सुप्रीमकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग की है।
जुलाई के आखिरी सप्ताह में सुप्रीमकोर्ट ने शिक्षामित्रों का समायोजन रद कर दिया था। इसके बाद शिक्षामित्रों ने धरना-प्रदर्शन और विधायक व सांसदों, मंत्री का आवास घेरा था। तब शिक्षामित्रों को भरोसा दिया गया कि सरकार उनके हित में कोई राह खोजेगी। इसके बाद शिक्षामित्रों ने आठ दिन चले आंदोलन को स्थगित कर दिया। शिक्षामित्रों को उम्मीद थी कि सरकार उनके लिए कोई इंतजाम करने में सफल हो जाएगी। लेकिन 15 दिन बाद भी सरकार शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित करने का निर्णय नहीं ले सकी। अब शिक्षामित्र सरकार से भरोसा नहीं निर्णय चाहते हैं। वे सरकार से इस संबंध में अध्यादेश लाने की मांग कर रहे हैं। गुरुवार शिक्षामित्रों ने टोपी पहन प्रदर्शन किया, जिस पर लिखा था कि अध्यादेश लाओ, शिक्षामित्र बचाओ। प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र छौंकर ने कहा कि भविष्य में शिक्षामित्रों से वार्ता में सरकार अपर सचिव को अलग रखे। क्योंकि उनकी वजह से ही वार्ता विफल हो रही हैं। वे गलत बयानबाजी कर रहे हैं। वार्ता की जिम्मेदारी किसी अन्य अफसर को सौंपी जाए। शुक्रवार को अनशन जारी रहेगा। अनशन पर बैठे शिक्षामित्रों की सूची डीएम को प्रेषित की गई है। प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में शिक्षा सहायक पद पर शिक्षामित्रों को समायोजित करने, आंदोलन के दौरान मृत शिक्षामित्रों के आश्रितों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई।
ज्ञापन एसीएम तृतीय सुनील कुमार को सौंपा। अशोक शर्मा, शिशुपाल चाहर, सुधीश शर्मा, सीपी तौमर, करतार यादव, भूपेंद्र, नंदकिशोर, राजभान गुर्जर, ओमवीर, मुकेश भदौरिया, हरीशंकर शर्मा, रघुवीर, रामनरेश, रामपाल,माध्वी सोलंकी, मुक्ता रावत, अर्चना, रीना, सचिन, सतेंद्र मीनू, मधू शर्मा आदि मौजूद रहे।
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-स्कूलों की पढ़ाई पर संकट
शिक्षामित्रों के सत्याग्रह से एक बार फिर स्कूलों में पढ़ाई पर संकट आ गया है। गुरुवार को करीब 400 एकल विद्यालय नहीं खुले और अन्य विद्यालयों में भी पढ़ाई प्रभावित रही।

शिक्षक रजिस्टर पर ही दर्ज कराएं उपस्थिति

शिक्षक रजिस्टर पर ही दर्ज कराएं उपस्थिति

7 बीएसए के हुए तबादले, देखें लिस्ट

7 बीएसए के हुए तबादले, देखें लिस्ट

बीएसए दफ्तर का घेराव, गरजे शिक्षामित्र: तीन दिन तक दिन-रात चलेगा धरना, धरने के दौरान प्रभावित रहा बीएसए कार्यालय का कामकाज

बदायूं : संयुक्त समायोजित शिक्षक-शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा के अंतर्गत आदर्श शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने बीएसए कार्यालय पर शांतिपूर्ण धरना दिया। कार्यालय गेट पर ही धरना होने की वजह से चैनल वाले गेट से प्रवेश बाधित रहा। बीएसए को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन
बीएसए को सौंपा। जिसमें अध्यादेश लाकर समायोजन जारी रखने की मांग की।1कार्यालय पर धरने की वजह से भीतर कार्य प्रभावित रहा। पूरा दिन साउंड की गूंज ही रही। शिक्षामित्रों के गेट पर बैठने की वजह से मेन गेट से कोई भीतर नहीं जा सका। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि मांगे पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। 21 अगस्त से लखनऊ में धरना होगा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष रावेंद्र सिंह यादव ने कहा कि मांगे न मानने पर झंडा व डंडा के साथ आंदोलन किया जाएगा। जिसका परिणाम कुछ भी हो सकता है। उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के मंडल अध्यक्ष मृदुलेश यादव ने कहा कि समायोजित शिक्षामित्रों का एक ही उद्देश्य है कि सरकार अध्यादेश लाए और उनका भविष्य सुरक्षित करे।1 जिलाध्यक्ष मनोज यादव व लक्ष्मण यादव ने कहा कि सरकार का झूठा वायदा सभी ने देखा। जिला कोषाध्यक्ष जहीरुल इस्लाम ने सरकार से दोबारा अधिकार दिलाने का आह्वान किया। साथ ही कहा गया कि शिक्षामित्र लगातार ही संघर्ष की राह नहीं छोड़ेंगे और अपना हक पाकर ही रहेंगे। जिलाध्यक्ष निर्भान सिंह, सतेंद्र शर्मा, महेंद्र शर्मा, अमित शर्मा, दिनेश चौधरी, अमित गुप्ता, बाबू खां, राजीव कुमार, मुहम्मद जिलानी, फूलबानो आदि उपस्थित रहे।

गंदगी और बदइन्तजामी देख बिफरीं बेसिक शिक्षा मंत्री, दिया वेतन काटने का निर्देश

गंदगी और बदइन्तजामी देख बिफरीं बेसिक शिक्षा मंत्री, दिया वेतन काटने का निर्देश

परिषदीय स्कूलों में नाटक है sms से शिक्षकों की हाजिरी

परिषदीय स्कूलों में नाटक है sms से शिक्षकों की हाजिरी

परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 'स्वच्छता पखवारा' मनाये जाने के सम्बन्ध में आदेश जारी

परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 'स्वच्छता पखवारा' मनाये जाने के सम्बन्ध में आदेश जारी


कन्नौज-शिक्षा मित्रों का प्रदर्शन जारी,अनिश्चित कालीन धरने पर बैठे शिक्षामित्रों मांगे पूरी न होने पर 19 को लखनऊ में करेंगे प्रदर्शन

बेसिक शिक्षा मंत्री श्रीमती अनुपमा जायसवाल का सर्किट हाउस में जबरदस्त घेराव, अध्यादेश के आश्वासन पर छोड़ा

आज सहारनपुर में माननीया बेसिक शिक्षा मंत्री श्रीमती अनुपमा जायसवाल जी का सर्किट हाउस में जबरदस्त घेराव किया गया। जब तक उन्होंने ठोस आश्वासन नही दिया तब तक उनकी vip गाड़ी को हिलने तक नहीं दिया। मंत्री जी को सहारनपुर से शामली कार द्वारा जाना था। उन्हें दो घण्टे तक शिक्षा मित्रो के साथ रहने को मजबूर होना पड़ा।
हमारी मांगे थी हमे अद्यादेश द्वारा सहायक अद्यापक का पद  चाहिए। जब तक अद्यादेश नही आ जाता तब तक समान कार्य समान वेतन चाहिए।
शिक्षा मंत्री जी ने बीच का रास्ता निकालने की बात कही तो सभी साथियो
ने एक साथ कहा हमे बीच का रास्ता नही चाहिए। हमे अपना पूरा वेतन पूरा सम्मान वापस चाहिए।
जब जलीकट्टू पर अद्यादेश आ सकता हैं तो यहाँ तो 172000 परिवारों की जिंदगी और मौत का सवाल है।
मंत्री जी ने कहा है कि मैं आज ही माननीय मुख्य मंत्री जी से मिलकर अद्यादेश पर बात करूंगी था आप लोगो का ज्ञापन स्वम माननीय मुख्य मंत्री जी को दूंगी।
तब जाकर मंत्री जी सहारनपुर से शामली के लिए प्रस्थान कर सकी।
शिक्षा मित्र एकता जिंदाबाद
सन्युक्त शिक्षा मित्र संघर्ष मोर्चा
सहारनपुर

RTE एक्ट के सेक्शन 4 में संसोधन से अब कोई फायदा नहीं

RTE एक्ट के सेक्शन 4 में संसोधन से अब कोई फायदा नही।
ये संसोधन फैसले के पूर्व हो जाता तो लाभ मिल जाता।
रही बात इसमे संसोधन संसद तब कर सकती है जब पर्याप्त मात्रा में किसी राज्य में भर्ती के लिए पात्र लोग मौजूद न हो,जबकि यू पी में BTC+TET के पर्याप्त अभ्यर्थी मौजूद हैं।
इसलिए मन से ये सारे भ्रम निकाल दें।
अब सहायक अध्यापक बनने का आसान रास्ता टेट पास कर सरकार से अधिकतम वेटेज प्राप्त करना है।
जब तक नियमित न हो जाये तब समान कार्य-समान वेतन की तर्ज़ पर मानदेय (11 माह 29 दिन) लिया जाए। जैसा कि आश्रम पद्धति स्कूल्स में लागू भी है।

✍🏼 *KRISHNA DWIVEDI*

टीईटी पास 22000 शिक्षामित्रों के बारे में राय लेने के लिए राज्य सरकार जा सकती है सुप्रीमकोर्ट की शरण

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुप्रीमेकोर्ट द्वारा 137000 समायोजित शिक्षकों का समायोजन रद्द कर दिये जाने के बाद राज्य सरकार अजीब पेशोपेश में है। एकतरफ माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करने की जिम्मेदारी दूसरी तरफ प्रदेशभर में चल रहे शिक्षामित्रों का जबरदस्त आंदोलन का दबाव। अनेक प्रयासों के बाद भी अभी तक कोई सर्वमान्य रास्ता नहीं निकल सका है। विधि विशेषज्ञों के अनुसार माननीय सुप्रीमेकोर्ट ने अपने फैसले में कहीं भी वर्तमान में टेट पास समायोजित शिक्षकों की स्थिति स्पष्ट नहीं की है ऐसी स्थिति में राज्य सरकार के पास एक अच्छा विकल्प है की वह इस मुद्दे को लेकर माननीय सुप्रीमेकोर्ट की शरण में जाये और लगभग 22000 ऐसे समायोजित शिक्षकों की स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध करे। जानकारों के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय इसपर अवश्य सहानुभूतिपूर्वक विचार कर सकता है और यदि ऐसा हुआ तो शेष नॉन टेट शिक्षामित्रों के लिये भी भविष्य में मार्ग सुरक्षित हो जाएगा।
..............सचिवालय सूत्र

नौकरी गई तो शिक्षामित्र ने दी जान, खाया जहर

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शिक्षामित्रों ने घेरा डीएम आवास, रोड जाम कर काटा हंगामा: 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

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शिक्षकों को स्थायी करने के लिए लड़ाई लड़ेगी भाजपा

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शिक्षामित्रों के मामले में मुख्यमंत्री निकालेंगे हल

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शिक्षामित्रों को टीईटी से छूट का आग्रह करेंगे

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बीपीएड अनुदेशकों ने सीएम योगी को दिखाए पोस्टर, भर्ती बहाल करने की मांग

सीतापुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल सीतापुर के बाढ़ ग्रस्त इलाके का दौरा किया था और इस दौरान उन्होंने लोगों को राहत सामग्री सहित पट्टे के कागजात देकर बाढ़ की विपदा से लोगों को राहत पहुंचाने का काम किया था। इस दौरान जब योगी लोगों को संबोधित कर रहे थे तभी उनकी पुलिस कुछ लोगों के हाथों में दिख रहे पोस्टर फाड़ रही थी।
जिस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ लोगों से मुखातिब हो रहे थे तभी बीपीएड (Bachelor of physical education) कर अनुदेशक शिक्षक बने लोग भर्ती को बहाल किये जाने का पोस्टर लहरा रहे थे। इस पोस्टर में लिखा था कि प्रशिक्षित शारीरिक शिक्षक बीपीएड (Bachelor of physical education) 32022 अनुदेशकों की भर्ती को बहाल करो। इस दौरान यह लोग नारेबाजी भी कर रहे थे और इसके साथ ही साथ एक तरह से प्रदेश सरकार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे। सीएम योगी आदित्यनाथ की जनसभा के दौरान इस तरह के नज़ारे कम ही दिखते हैं लेकिन इसको देख वहां मौजूद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और हिंदू युवा वाहिनी (HYV) के कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी दिखी। जिसके बाद मौके पर ही पुलिस ने लोगों के हाथ से पोस्टर लेकर फाड़ दिए।
सीतापुर शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारियों की मानें तो सरकार से उनकी वार्ता विफल हो गयी है। क्योंकि योगी सरकार के जिम्मेदार अधिकारियों ने संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर शिक्षामित्रों को महज 10 हज़ार के मानदेय का प्रस्ताव रखा था। जिसको लेकर शिक्षामित्र संगठन काफी नाराज भी है और फिर आंदोलन का रास्ता अख्तियार करने जा रहा है। ऐसे में अब शिक्षमित्रों के साथ साथ बीपीएड (Bachelor of physical education) अनुदेशकों की तरफ से शुरू हुआ भर्ती बहाली का मामला आने वाले दिनों में योगी सरकार के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है। सीतापुर शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार से उनकी वार्ता विफल हो गयी है।

शिक्षामित्रों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट दिलाने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री और राष्ट्रीय अध्यापक परिषद को लिखेंगे पत्र: अपर मुख्य सचिव