10.12.16
दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने पर चली जाएगी सरकारी नौकरी
गुवाहाटी : सरकारी नौकरी का ख्वाब कौन नहीं देखता, लेकिन क्या हो अगर एक गलती की वजह से आपको अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़े। जी हां, अब ऐसा विधेयक आने वाला है, जिसके तहत 2 से ज्यादा बच्चे पैदा करने पर आपकी सरकारी नौकरी जा सकती है।
दरअसल, असम सरकार जनसंख्या नियंत्रण पर एक विधेयक लाने की योजना बना रही है जिसमें दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने पर सरकारी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। अगर राज्य सरकार अपनी योजना को मूर्त रूप दे पाती है तो अगले वर्ष मार्च में विधानसभा में जनसंख्या नियंत्रण संबंधी विधेयक का मसौदा पेश किया जाएगा जिसमें एक परिवार में दो बच्चों की सीमा तय की जाएगी।
चुनावों के लिए उम्मीदवारी रद्द
इसके प्रावधानों के अनुसार अगर किसी उम्मीदवार के दो से ज्यादा बच्चे होंगे तो नगरपालिका चुनावों के लिए उसकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी। साथ ही माध्यमिक स्तर के स्कूलों में जनसंख्या नियंत्रण नीति को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
उच्च स्तरीय समिति गठित
असम के शिक्षा मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा के मुताबकि, असम सरकार आबादी पर नियंत्रण के लिए राजस्थान सरकार के मॉडल को अपनाएगी, लेकिन इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए वह जनसंख्या नियंत्रण विधेयक को भी विधानसभा में पेश कर इसे स्थायी कानून का रूप देगी। उन्होंने बताया कि जनसंख्या नियंत्रण नीति की रूपरेखा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है, जो अगले 45 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। इस कानून के लागू होने से इसका सरकार की विभिन्न योजनाओं की मंजूरी या अनुदान देने में भी इस्तेमाल किया जाएगा।
दरअसल, असम सरकार जनसंख्या नियंत्रण पर एक विधेयक लाने की योजना बना रही है जिसमें दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने पर सरकारी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। अगर राज्य सरकार अपनी योजना को मूर्त रूप दे पाती है तो अगले वर्ष मार्च में विधानसभा में जनसंख्या नियंत्रण संबंधी विधेयक का मसौदा पेश किया जाएगा जिसमें एक परिवार में दो बच्चों की सीमा तय की जाएगी।
चुनावों के लिए उम्मीदवारी रद्द
इसके प्रावधानों के अनुसार अगर किसी उम्मीदवार के दो से ज्यादा बच्चे होंगे तो नगरपालिका चुनावों के लिए उसकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी। साथ ही माध्यमिक स्तर के स्कूलों में जनसंख्या नियंत्रण नीति को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
उच्च स्तरीय समिति गठित
असम के शिक्षा मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा के मुताबकि, असम सरकार आबादी पर नियंत्रण के लिए राजस्थान सरकार के मॉडल को अपनाएगी, लेकिन इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए वह जनसंख्या नियंत्रण विधेयक को भी विधानसभा में पेश कर इसे स्थायी कानून का रूप देगी। उन्होंने बताया कि जनसंख्या नियंत्रण नीति की रूपरेखा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है, जो अगले 45 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। इस कानून के लागू होने से इसका सरकार की विभिन्न योजनाओं की मंजूरी या अनुदान देने में भी इस्तेमाल किया जाएगा।
13 तक जारी करें नियुक्ति पत्र, विधानसभा चुनाव की आहट महसूस कर रही राज्य सरकार चयनित अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र दिलाने में जुट गई
लखनऊ : विधानसभा चुनाव की आहट महसूस कर रही राज्य सरकार लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ चयन सेवा आयोग व अन्य भर्ती बोडरे के जरिये चयनित अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र दिलाने में जुट गई है।
मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने विभागाध्यक्षों को चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी कर 13 दिसंबर तक ब्यौरा प्रमुख सचिव नियुक्ति को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। अड़ंगेबाज अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रदेश सरकार ने समूह ख, ग व घ के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए अधीनस्थ चयन सेवा आयोग का गठन किया था। नगर विकास, भूतत्व एवं खनिकर्म समेत कई महकमों ने अपने विभागों की भर्ती आयोग से मुक्त करा लीं मगर आयोग ने जिन विभागों के लिए की प्रक्रिया पूरी कर संस्तुतियां भेजी, वे भी नियुक्ति आदेश जारी करने में शिथिलता बरत रहे थे। इधर, विधानसभा चुनाव की आहट सुनाई देने लगी है। आदर्श आचार संहिता कभी भी लग सकती है। ऐसे में नियुक्तियों का मामला फंस सकता है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने सचिव को इस दिशा में कार्रवाई का निर्देश दिया। बुधवार को मुख्यमंत्री के सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने मुख्य सचिव राहुल भटनागर को मुख्यमंत्री की मंशा बताई। नतीजे में शुक्रवार को मुख्य सचिव ने प्रमुख सचिव कार्मिक, विभिन्न महकमों के अधिकारियों को तलब कर लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ चयन सेवा आयोग, पुलिस भर्ती बोर्ड व अन्य चयन बोडरे द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति की औपचारिकता पूरी कराने के लिए वांछित पत्र की प्रति फौरन उपलब्ध करायी जाए। संबंधित विभागों को आयोगों द्वारा प्राप्त चयन संस्तुति सूची के अनुसार निर्गत किये गये नियुक्ति पत्र की ब्यौरा पद वार 13 दिसंबर को प्रमुख सचिव, नियुक्ति एवं कार्मिक को भेज दिया जाए।
मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने विभागाध्यक्षों को चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी कर 13 दिसंबर तक ब्यौरा प्रमुख सचिव नियुक्ति को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। अड़ंगेबाज अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रदेश सरकार ने समूह ख, ग व घ के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए अधीनस्थ चयन सेवा आयोग का गठन किया था। नगर विकास, भूतत्व एवं खनिकर्म समेत कई महकमों ने अपने विभागों की भर्ती आयोग से मुक्त करा लीं मगर आयोग ने जिन विभागों के लिए की प्रक्रिया पूरी कर संस्तुतियां भेजी, वे भी नियुक्ति आदेश जारी करने में शिथिलता बरत रहे थे। इधर, विधानसभा चुनाव की आहट सुनाई देने लगी है। आदर्श आचार संहिता कभी भी लग सकती है। ऐसे में नियुक्तियों का मामला फंस सकता है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने सचिव को इस दिशा में कार्रवाई का निर्देश दिया। बुधवार को मुख्यमंत्री के सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने मुख्य सचिव राहुल भटनागर को मुख्यमंत्री की मंशा बताई। नतीजे में शुक्रवार को मुख्य सचिव ने प्रमुख सचिव कार्मिक, विभिन्न महकमों के अधिकारियों को तलब कर लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ चयन सेवा आयोग, पुलिस भर्ती बोर्ड व अन्य चयन बोडरे द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति की औपचारिकता पूरी कराने के लिए वांछित पत्र की प्रति फौरन उपलब्ध करायी जाए। संबंधित विभागों को आयोगों द्वारा प्राप्त चयन संस्तुति सूची के अनुसार निर्गत किये गये नियुक्ति पत्र की ब्यौरा पद वार 13 दिसंबर को प्रमुख सचिव, नियुक्ति एवं कार्मिक को भेज दिया जाए।
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