26.12.16

राजकीय विद्यालयों में 9342 एलटी भर्ती के लिए आवेदन आज से शुरू, यहाँ से करें आवेदन

राजकीय विद्यालयों में 9342 एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन सोमवार से शुरू होंगे। अभ्यर्थी www.upseat.in पर आवेदन कर सकेंगे। पहली बार प्रदेश स्तर पर भर्ती हो रही है। इससे पहले मंडल स्तर पर संयुक्त शिक्षा निदेशकों के माध्यम से भर्ती होती थी। खास बात यह कि पहली बार माध्यमिक विद्यालयों के लिए कम्प्यूटर शिक्षकों की सीधी भर्ती होने जा रही है। 19 अक्तूबर 2016 को जारी संशोधित नियमावली में
नियुक्ति प्राधिकारी जेडी की बजाय अपर निदेशक माध्यमिक को बनाया गया है। नियुक्ति एकेडमिक रिकार्ड पर की जाएगी जिसमें हाईस्कूल, इंटर, स्नातक व ट्रेनिंग में मिले अंकों को जोड़ते हुए मेरिट तैयार करेंगे।

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नहीं पढ़े तो फेल होंगे छठी से आठवीं तक के बच्चे, विधि मंत्रलय ने मानव संसाधन मंत्रलय के प्रस्ताव को दी मंजूरी

विधि मंत्रलय.ने फेल नहीं करने की नीति को आठवीं कक्षा की जगह पांचवीं कक्षा तक सीमित करने के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रलय के.प्रस्ताव को मंजूरी दे दी.है। मौजूदा नीति के बारे में कहा गया है कि फेल न होने का डर नहीं होने से बच्चे अनुशासनहीन हो रहे हैं और शिक्षा की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। 1विधि मंत्रलय ने कहा है कि मानव संसाधन विकास मंत्रलय.शिक्षा का अधिकार कानून, 2009 की धारा 16 को संशोधित कर सकता है। ऐसा इसलिए कि यह प्रस्ताव उपसमिति की सिफारिश पर आधारित है और नीतिगत विषय से संबंधित है। विधि मंत्रलय ने कहा कि स्कूल में दाखिला लेने वाले किसी भी बच्चे को पांचवीं कक्षा की पढ़ाई पूरी करने तक किसी भी कक्षा में फेल नहीं करने या स्कूल से नहीं निकालने के प्रावधान के लिए कानून में संशोधन में
कोई आपत्ति नजर नहीं आती। मौजूदा प्रावधान के अनुसार, फेल नहीं करने या एक ही कक्षा में न रोकने की नीति आठवीं कक्षा पूरी करने तक मान्य है। आठ दिसंबर के अपने एक नोट में विधि मंत्रलय के कानूनी मामलों के विभाग ने कहा, ‘सरकार जरूरी होने पर छठी, सातवीं या आठवीं कक्षा तक बच्चों को एक ही कक्षा में रोकने के लिए नियम बना सकती है, लेकिन छात्रों को दोबारा परीक्षा में शामिल होने का एक अतिरिक्त मौका दिया जा सकता है। नोट में कहा गया कि एचआरडी मंत्रलय ने फेल नहीं करने की नीति आठवीं कक्षा से घटाकर पांचवीं कक्षा तक करने का फैसला मौजूदा प्रावधान के विभिन्न विपरीत परिणामों की समीक्षा करने के बाद किया है। केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (सीएबीई) की उपसमिति की बैठकों में कई राज्यों ने फेल नहीं करने की नीति की समीक्षा करने की मांग की थी। बच्चों को नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार (आरटीई) कानून के तहत फेल नहीं करने के प्रावधान के संदर्भ में सतत एवं समग्र मूल्यांकन (सीसीई) पद्धति के आकलन के लिए यह उपसमिति गठित की गई थी।

अंतर जिला तबादला में 1870 शिक्षकों को मिला मनचाहा तबादला, 3200 शिक्षकों ने दिया था बेसिक शिक्षा परिषद को प्रत्यावेदन, अंतर जिला तबादले की दूसरी सूची जारी

इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद ने अंतर जिला तबादले की बहुप्रतीक्षित दूसरी सूची जारी कर दी है। इसमें 1870 शिक्षकों को मनचाहे जिलों में जाने का मौका मिला है। परिषद की इससे पहले 21 अगस्त को जारी सूची में 15087 शिक्षकों को मनचाही नियुक्ति मिली थी। शिक्षकों को जल्द ही ज्वाइन करने के लिए कहा गया है। 1परिषद ने रविवार को क्रिसमस का अवकाश होने के बावजूद देर रात सूची जारी की। हालांकि इसकी तैयारियां पहले ही कर ली गई थीं। परिषद सचिव संजय सिन्हा ने बताया कि इसमें 1870 शिक्षकों को अपने जिले में जाने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि सारे प्रत्यावेदनों का गहनता से परीक्षण कराया और अपनी देखरेख में दूसरी सूची तैयार कराई है। इसमें हर उस शिक्षक को तबादले का मौका दिया गया है, जिसे जरूरत थी। बीमारी, विधवा व अन्य कारणों पर पूरा गौर किया गया है। 1उल्लेखनीय है कि अंतर जिला तबादले का आदेश 23 जून
को हुआ था। इसके लिए 23725 शिक्षकों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इनमें से 3162 शिक्षकों ने अपना सत्यापन नहीं कराया था जिससे उनके आवेदन निरस्त कर दिये गये थे। शेष बचे 20563 शिक्षकों में से पहली सूची में केवल 15087 शिक्षकों को ही अंतर्जनपदीय तबादले का लाभ दिया गया था। अंतर्जनपदीय तबादले की सभी सेवा शर्ते पूरी करने वाले 5476 शिक्षक फिर भी लाभ से वंचित रह गये थे। उनमें से करीब 3200 शिक्षकों ने बेसिक शिक्षा परिषद सचिव इलाहाबाद को प्रत्यावेदन दिया था। उन्होंने शिक्षकों से जल्द कार्यभार ग्रहण करने को कहा है। सिन्हा ने यह भी बताया कि रविवार देर रात तक सूची परिषद की वेबसाइट पर अपलोड हो जाएगी, शिक्षक रात में ही देख सकते हैं।