27.12.16

विरोध के बीच शिक्षक भर्ती में पंजीकरण हुआ शुरू, शासन ने नियमावली में चयन मेरिट से ही करने पर लगाई मुहर

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : प्रदेश भर के राजकीय माध्यमिक कॉलेजों में 9342 एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है। पहले दिन गिने-चुने अभ्यर्थियों ने ही पंजीकरण कराया है, जिनकी तादाद इकाई में बताई जा रही है। वहीं, दूसरी ओर प्रतियोगी शिक्षकों का चयन मेरिट के बजाए परीक्षा के जरिए कराने पर अब भी अड़े हैं। युवाओं का प्रदर्शन जारी है। राजकीय कॉलेजों में स्नातक शिक्षकों की भर्ती के लिए इस बार नियमावली में बदलाव हुआ है। अब मंडल के बजाए राज्य स्तर पर शिक्षकों का चयन होगा। इससे वरिष्ठता आदि के विवादों में कमी आएगी।
शासन ने नियमावली में चयन मेरिट से ही करने पर मुहर लगाई है। उसी के अनुरूप कुछ दिन पहले विभाग ने विज्ञापन निकाला और सोमवार से पंजीकरण का कार्य शुरू हो गया है। अफसरों की मानें तो पहले दिन की स्थिति उत्साहजनक नहीं थी। माध्यमिक शिक्षा के अपर निदेशक रमेश ने बताया कि पहले दिन महज कुछ
युवाओं ने ही पंजीकरण कराया है, जिनकी संख्या इकाई में है। इसे प्रतियोगियों की मांग से भी जोड़ा जा रहा है जिसमें वह चयन के लिए परीक्षा कराने की मांग कर रहे हैं। ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट यानी आइपीएफ ने प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। जिला प्रभारी राजेश सचान, प्रतियोगी मोर्चा के अमर बहादुर, अनुराग वर्मा व सुनील यादव आदि ने मांग की है कि मेरिट के बजाए परीक्षा के जरिए ही चयन किया जाए। उनका तर्क है कि अलग-अलग विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रम एवं परीक्षा का स्तर अलग है।

ऐसे में मेरिट से चयन करना मेधावी युवाओं के हित में नहीं है। साथ ही बीएड कॉलेजों में भी शैक्षिक गुणवत्ता नहीं है। वहां जुगाड़ से अच्छे अंक मिल जाते हैं। वहीं कुछ युवाओं ने कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती में बीएड की अनिवार्यता पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि बीटेक आदि की डिग्री ही पर्याप्त है। ऐसे में बीएड की मांग कहीं से जायज नहीं है। इसमें बदलाव किया जाए। मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि भर्ती में हस्तक्षेप करके चयन लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के जरिए कराया जाए। यहां बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।

एलटी ग्रेड में पुरुष संवर्ग फिर से दरकिनार

इलाहाबाद : आखिरकार वही हुआ, जिसका अंदेशा था। राजकीय माध्यमिक कॉलेजों के एलटी ग्रेड पुरुष संवर्ग को फिर पदोन्नति से दरकिनार कर दिया गया है। ‘दैनिक जागरण’ ने ‘शिक्षक सूची में खामियां’ खबर में प्रमुखता से वरिष्ठता सूची की त्रुटियां उजागर की थी। शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने इसे स्वीकार करते हुए गड़बड़ियों का ठीकरा मंडलों में तैनात संयुक्त शिक्षा निदेशकों (जेडी) के सिर फोड़ा है और जल्द नई वरिष्ठता सूची बनाने का आदेश जारी किया है। 1विधानसभा चुनाव के ऐन मौके पर हर महकमा अपने मातहतों को सुविधाओं की सौगात देने में जुटा है, वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग अन्य विभागों से उलट एक संवर्ग को हाशिए पर धकेलने में जुटा है। यही वजह है कि राजकीय माध्यमिक कॉलेजों में तैनात एलटी ग्रेड पुरुष संवर्ग को इस बार भी पदोन्नति से वंचित होना पड़ा है। इसकी वजह विभाग में लंबे समय से इस संवर्ग की वरिष्ठता सूची दुरुस्त न होना है। शासन ने भी पिछले दिनों एलटी ग्रेड पुरुष शिक्षकों को प्रमोशन देने का आदेश जारी किया था, उस
पर भी अमल नहीं हो सका है। हालांकि विभाग ने पुरानी वरिष्ठता के सूची के आधार पर प्रमोशन करने की तैयारी की थी। इसीलिए प्रवक्ता पुरुष में 120, एलटी पुरुष में 325, महिला एलटी में 190 एवं महिला प्रवक्ता में 113 यानी कुल 748 शिक्षकों के प्रमोशन करने की सूची बनी थी। यही नहीं सभी की गोपनीय आख्या भी मंडलों से मंगा ली गई थी, लेकिन जागरण ने वरिष्ठता सूची का ‘रागमाला’ उजागर किया तो अफसरों ने प्रमोशन से हाथ खींच लिए हैं। 1अब महिला प्रवक्ता के 113 में से 108, एलटी महिला के 190 में से 154 एवं प्रवक्ता पुरुष के 129 में से 98 यानी कुल 432 में से 360 पदों पर प्रमोशन किए गए हैं। प्रमोशन पाने वाले शिक्षक/शिक्षिकाएं अब हाईस्कूल कॉलेज में प्रधानाध्यापक या फिर इंटर कालेज में उप प्रधानाचार्य बन सकेंगे। सभी शिक्षकों को कालेजों का आवंटन भी कर दिया है और जल्द कार्यभार ग्रहण का आदेश हुआ है। 1उधर, शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने एलटी संवर्ग की वरिष्ठता सूची में गड़बड़ी होने का आरोप जेडी पर मढ़ा है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया है कि वर्ष 1991 से 2016 तक की वरिष्ठता सूची जल्द बनाकर 10 जनवरी तक शिक्षा निदेशालय भेजी जाए। इसके लिए उन्होंने प्रोफार्मा भी जारी किया है। माध्यमिक शिक्षा के अपर निदेशक रमेश ने बताया कि एलटी ग्रेड महिला एवं प्रवक्ताओं के प्रमोशन हुए हैं, जबकि एलटी ग्रेड पुरुष की पदोन्नति बाद में होगी।

अब चार घंटे में एक लाख बच्चों का भोजन, अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से बच्चों का खाना होगा तैयार, मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन

इलाहाबाद : मिड डे मील में गुणवत्ता के साथ ताजा भोजन की परिकल्पना अब साकार होने जा रही है। आधुनिक केंद्रीय किचन के माध्यम से एक साथ एक लाख बच्चों का भोजन तैयार होगा। इतना ही नहीं विशेष इंसुलेटेड वैन के माध्यम से गर्म खाना नगर और अंचल के क्षेत्र में निर्धारित समय पहुंचा भी दिया जाएगा। अक्षयपात्र फाउंडेशन के माध्यम इस योजना को साकार रूप दिया जाएगा। किचन की स्थापना के बाद इलाहाबाद सहित प्रदेश के 11 शहरों में यह योजना अगले वर्ष के अंत तक शुरू हो जाएंगी। सोमवार को
लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस योजना का शिलान्यास किया। मिड डे मील योजना के अंतर्गत एक लाख बच्चों का खाना मात्र चार घंटे में तैयार करने की योजना का अमली जामा पहना दिया गया है। 1प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजना के अंतर्गत प्रदेश के 11 जिलों में आधुनिक किचन घर स्थापित किये जाएंगे। किचन की खास बात होगी कि इसमें तीन घंटे में एक लाख बच्चों के लिए भोजन तैयार किया जा सकेगा। 1सबसे पहले बच्चे करेंगे स्वाद 1 आधुनिक तकनीक से तैयार भोजन की एक खासियत ये होगी कि स्कूलों में बच्चे ही चखेंगे। भोजन बनने की प्रक्रिया सुबह तीन बजे से शुरू हो जाएगी। सुबह नौ से साढ़े नौ बजे के मध्य स्कूलों में वैन पहंच जाएगी। हाइजेनिक भोजन का स्वाद सीधा बच्चे ही ले सकेंगे। कुक, रसोइया, बवार्ची सहित सभी बीच की कड़ी खत्म कर दी जाएगी। 1स्वच्छता का प्रतीक 1इलाहाबाद में मिड डे मील समन्वयक राजीव त्रिपाठी का कहना है कि यह किचन स्वच्छता का प्रतीक होगा। बच्चों को समय से गुणवत्ता परक और गर्म खाना मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 11 जिलों में यह किचन स्थापित होंगे। 1झूंसी में लगेगा प्लांट 1 इलाहाबाद में इस योजना का प्लांट झूंसी में लगेगा। शुरूआत में यहां एक लाख बच्चों के लिए खाना बनेगा। 1वितरण 50 हजार अंचल और 50 हजार शहरी क्षेत्रों में वितरण होगा। नगर में एमडीएम के लिए पांच लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं।
एक घंटे में 25 हजार रोटियां
आधुनिक किचन घर की परिकल्पना के अंतर्गत हाइटेक मशीनों का प्रयोग किया जाएगा। इसमें रोटी मेकर से एक घंटे में 25 हजार रोटियां तैयार होंगी। आटा गूथने के लिए वृहद संयत्र, दाल-चावल के लिए ब्वायलर और सब्जी-खीर आदि के लिए काफी अधिक क्षमता वाले कुकर आदि का प्रयोग होगा। चार घंटे के अंदर एक लाख बच्चों के लिए खाना तैयार किया जा सकेगा।
ये होंगी खासियत
अक्षयपात्र फाउंडेशन किचन का संचालन अधिकतर मानव रहित होगा। प्रमुख इंपुट प्वाइंट की बात छोड़ दे तो किचन का समस्त मेकेनिकज्म आटोमेटिक होगा। जो भी मैनपावर होगा उन्हें विधिवत प्रशिक्षण दिया जाएगा। भोजन पकने के बाद बड़े बड़े डब्बों में पैक कराकर स्कूलों में भेज दिया जाएगा।

इलाहाबाद :शीतलहर के कारण जनपद के कक्षा 8 तक के समस्त विद्यालय दिनांक 28.12.16 तक रहेंगे बन्द