24.1.17

निजी स्कूलों को झटका, फीस वृद्धि से पहले लेनी होगी अनुमति

नई दिल्ली, प्रेट्र : दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की ओर से आवंटित जमीनों पर स्थित मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों (गैर सहायता प्राप्त) की कार्यसमिति की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दी। समिति ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें अदालत ने उनसे फीस वृद्धि से पहले सरकार की अनुमति हासिल करने के लिए कहा था।1प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर, जस्टिस एनवी रमन और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करने से इन्कार करते हुए कहा कि इन स्कूलों को फीस वृद्धि से पहले सरकार की अनुमति लेनी ही होगी क्योंकि वे डीडीए की ओर से आवंटित जमीन पर स्थित हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने
पिछले साल 19 जनवरी को दिए अपने आदेश में कहा था कि डीडीए की आवंटित जमीन पर स्थित गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूल लाभार्जन और शिक्षा के व्यवसायीकरण में शामिल नहीं हो सकते। हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय को यह निर्देश दिया था कि वह डीडीए की ओर से आवंटित जमीन पर स्थित मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों (गैर सहायता प्राप्त) में फीस वृद्धि से जुड़ी आवंटन पत्र की शर्तो का पालन सुनिश्चित करे। हाई कोर्ट ने डीडीए को भी निर्देश दिए थे कि वह ऐसे निजी स्कूलों के खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई करे जो फीस वृद्धि से संबंधित आवंटन पत्र की शर्तो का उल्लंघन करते हों। हाई कोर्ट ने यह फैसला एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) की जनहित याचिका पर सुनाया था।

एलटी ग्रेड शिक्षक को साढ़े चार लाख पंजीकरण

इलाहाबाद : प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 9342 एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती में पंजीकरण का नया रिकॉर्ड बन गया है। अब तक चार लाख 46 हजार 203 पंजीकरण हो चुके हैं। इसमें दिव्यांगों की तादाद 31
हजार 227 है। इस आकड़े में अभी और बढ़ोतरी होने के आसार हैं, क्योंकि आगामी 26 जनवरी की मध्यरात्रि तक आनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। इसके बाद ही पंजीकरण एवं आवेदन करने वालों की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

मनचाहे स्कूल में संबद्ध हजारों शिक्षक, शिक्षा निदेशक बेसिक एवं परिषद सचिव का आदेश नहीं मान रहे बीएसए, स्कूलों में सिर्फ हाजिरी लगाने जाने से पठन-पाठन हो रहा प्रभावित

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : तमाम निर्देशों को धता बताकर शिक्षकों ने मनचाहे स्कूल व कार्यालयों से संबद्ध हैं। उन स्कूलों में यह संबद्ध शिक्षक सिर्फ हाजिरी लगाने जाते हैं वहीं शिक्षा विभाग के कार्यालय में वह लिपिकों के जैसा कार्य कर रहे हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी उन्हें विद्यालयों में भेजने के बजाए नए-नए शिक्षकों को संबद्ध करते जा रहे हैं। इसका असर स्कूलों के पठन-पाठन पर पड़ रहा है। 1बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक एवं उच्च
प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षक अपना तबादला न करा पाने की स्थिति में मनचाहे स्कूल या फिर विभागीय कार्यालय से संबद्ध हो जाते हैं, ताकि उन्हें हर दिन जाना नहीं पड़ेगा। इसकी शिकायतें शासन को मिलने पर शिक्षा निदेशक बेसिक दिनेश बाबू शर्मा ने बीते 26 मई, 2016 को यह आदेश जारी किया कि तत्काल शिक्षकों का संबद्धीकरण खत्म कर दिया जाए और जुलाई से कोई भी शिक्षक दूसरे स्कूल या फिर कार्यालय से संबद्ध नहीं रहेगा। यदि जुलाई, 2016 के बाद शिक्षक संबद्ध मिलते हैं तो बीएसए जिम्मेदार होंगे। इसके आदेश के बाद कुछ हड़कंप तो मचा और कुछ शिक्षकों को वापस स्कूलों में भी भेजा गया, लेकिन कुछ माह बाद ही स्थिति पहले से भी विकट हो गई है। हालत यह है कि खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालयों को छोड़िए बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में दर्जनों शिक्षक बाकायदे संबद्ध हैं। उनमें से कुछ को छोड़कर ज्यादातर मुफ्त में ही वेतन ले रहे हैं। ऐसा ही हाल सड़क किनारे के स्कूलों व ब्लाक एवं तहसील के केंद्रीय स्कूलों का है, वहां संबद्ध होने के लिए लंबी फेहरिश्त है। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने 13 मार्च, 2014 को ही इस संबंध में कड़ा आदेश जारी किया था, लेकिन अधिकांश बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। यह भी कहा जा रहा है कि शिक्षक जिले के अफसरों को खुश करके मनचाहा संबद्धीकरण करा रहे हैं। इधर, जिले में तबादलों की नकेल जिलाधिकारी के पास होने के बाद भी इस पर अंकुश नहीं लग रहा है। परिषद बार-बार निर्देश भेज रहा है और बेसिक शिक्षा अधिकारी पर उतारू हैं। इन दिनों विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद से बीएसए की तेज हो गई है।’ शिक्षा निदेशक बेसिक एवं परिषद सचिव का आदेश नहीं मान रहे बीएसए 1’ स्कूलों में सिर्फ हाजिरी लगाने जाने से पठन-पाठन हो रहा प्रभावित

असिस्टेंट प्रोफेसर के चार विषयों का परिणाम जारी, साक्षात्कार व लिखित परीक्षा के प्राप्तांक का विवरण 15 दिन में

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के अंतिम परिणाम तेजी से जारी हो रहे हैं। आयोग ने सोमवार को चार विषयों का और परिणाम जारी कर दिया है। इसमें गृह विज्ञान, मनोविज्ञान, कृषि अर्थशास्त्र एवं भूमि संरक्षण विषय शामिल हैं। इसे अभ्यर्थी मंगलवार को आयोग के पोर्टल पर देख सकेंगे। 1आयोग इसके पहले करीब एक दर्जन से अधिक विषयों का परिणाम घोषित कर चुका
है। चयनित अभ्यर्थियों का विवरण आयोग के पोर्टल  पर अपलोड कर दिया गया है। इन अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के प्राप्तांक आयोग के पोर्टल पर 15 दिन में उपलब्ध होंगे। इसे वह अनुक्रमांक एवं जन्मतिथि के माध्यम से देख पाएंगे। सचिव की ओर से कहा गया है कि अंतिम परिणाम तेजी से तैयार हो रहे हैं। अन्य विषयों के रिजल्ट भी जल्द ही जारी होंगे।’ साक्षात्कार व लिखित परीक्षा के प्राप्तांक का विवरण 15 दिन में 1’ अन्य विषयों के रिजल्ट भी जल्द जारी होंगे