21.3.17

16448 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया स्थगित

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों में 16448 शिक्षकों की भर्ती में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के पदों को भरने के लिए बीते छह फरवरी 2017 को आदेश जारी हुआ था। इसी बीच हाईकोर्ट ने इन
नियुक्तियों पर स्थगनादेश जारी कर दिया है। ऐसे में सचिव संजय सिन्हा ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि भर्ती प्रक्रिया को तत्काल स्थगित कर दें और सभी कार्यवाही कोर्ट के अगले आदेश तक ठप रहेंगी।

शिक्षामित्रों को मिली राहत, पत्राचार से बीटीसी करने वाले भी दावेदारी के हकदार: शिक्षामित्र 12460 शिक्षक भर्ती में होंगे शामिल

बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में इन दिनों शिक्षकों की चयन प्रक्रिया चल रही है। इसमें उन युवाओं ने भी आवेदन किया है जो पत्रचार से बीटीसी का द्विवर्षीय पाठ्यक्रम परीक्षा उत्तीर्ण हैं। बीएसए ने परिषद सचिव से
पूछा कि ऐसे अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित मानते हुए चयन प्रक्रिया में शामिल करा सकते हैं या नहीं। इस पर सचिव संजय सिन्हा ने सभी बीएसए को पत्र भेजा है कि इस संबंध में 12 अगस्त 2016 को ही सभी जिलों में निर्देश भेजे जा चुके हैं और इस संबंध में न्यायालय से पारित आदेश का भी अनुपालन कराया गया है। इसलिए यह पूछताछ अनावश्यक हो रही है, पूर्व में जारी आदेश का अनुपालन करें। ऐसे में जिन शिक्षामित्रों को बीएसए ने चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया है उन्हें शामिल करना होगा। दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार यादव ने इस आदेश का स्वागत किया है।


इलाहाबाद में पढ़ाने के गुर सीख रहे दमन-दीव के शिक्षक

इलाहाबाद : प्रदेश भर के शिक्षकों की पाठशाला कहे जाने वाले इलाहाबाद का दायरा बढ़ता जा रहा है। यहां हजारों किलोमीटर दूर से दमन-दीव के शिक्षक पढ़ाने के गुर सीखने आए हैं। सुदूर प्रांत के 46 शिक्षक यहां दस दिन तक रहकर उम्दा तरीके से बच्चों को पढ़ाने की विधियां सीखेंगे और बाद में अपने प्रदेश के स्कूलों में उसे लागू करेंगे। 1राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीमैट) उप्र इलाहाबाद में दमन-दीव के टीजीटी-
पीजीटी शिक्षकों के दस दिवसीय सेवापूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को उद्घाटन हुआ। संस्थान के निदेशक संजय सिन्हा ने कहा कि शिक्षक व छात्र के मध्य बहुत ही आत्मीय संबंध होता है। बच्चों के सवार्ंगीण विकास में उनकी भूमिका अहम होती है। शिक्षक छात्र के लिए एक रोल मॉडल होता है। उनके व्यक्तित्व का प्रभाव छात्र के जीवन शैली पर दिखाई देता है। सिन्हा ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा की पहचान करना तथा उसमें निखार लाना, यह अध्यापक का दायित्व ही नहीं है, बल्कि यह अध्यापक की प्रतिष्ठा भी बढ़ाता है। बच्चे अपना विकास कर जीवन में जिस भी स्थान पर पहुंचते हैं वे अपने अध्यापक को जरूर स्मरण करते हैं, विशेष रूप से उन अध्यापकों को जिसका योगदान उनके भविष्य निर्माण में रहा हो। दमन-दीव के सहायक राज्य परियोजना निदेशक नरेन्द्र के. भंडारी ने कहा कि पूर्व में सीमैट इलाहाबाद से मिले प्रशिक्षणों से प्रभावित होकर हम पुन: अपने अध्यापकों के प्रशिक्षण के लिए यहां आये हैं। उन्होंने शिक्षा सचिव सेजू पी. कुरुविला का आभार जताते हुए कहा कि उन्हीं के प्रयासों से यह संभव हो पाया है। विभागाध्यक्ष डॉ. अमित खन्ना, पवन सावंत आदि यहां मौजूद रहे।

टीईटी-16 ओएमआर शीट का हो दोबारा मूल्यांकन, परीक्षा परिणाम में इनवैलिड करार दिए गए अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

इलाहाबाद : टीईटी 2016 में रिजल्ट महज 11 फीसद आने का ठीकरा युवाओं ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी पर फोड़ दिया है। युवाओं का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों के रिजल्ट में अनुक्रमांक के आगे इनवैलिड दर्ज है, क्योंकि ओएमआर शीट पर प्रविष्टियां पूर्ण नहीं थी। इसे पूरा कराकर ओएमआर शीट का फिर से मूल्यांकन
कराया जाए और घोषित रिजल्ट को रोका जाए। 1टीईटी 2016 का रिजल्ट रोकने के लिए अभ्यर्थियों ने सोमवार को परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय एलनगंज पर प्रदर्शन किया। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी का परिणाम इनवैलिड घोषित होने से नाराज अभ्यर्थी गुस्से में थे। 19 दिसंबर को आयोजित परीक्षा के दौरान ओएमआर शीट पर विषय, भाषा व अन्य सीरीज के गोले भरने में इन अभ्यर्थियों से गलती हुई। साथ ही कक्ष निरीक्षकों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। इसके चलते बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट का मूल्यांकन नहीं किया गया और पिछले 17 मार्च को परिणाम घोषित हो गया। उसमें उनके रोल नंबर पर इनवैलिड रिजल्ट लिखकर आने लगा। इससे खफा प्रदेश भर से आए अभ्यर्थियों का दावा है कि परीक्षा ठीक रही, लेकिन परिणाम रोके जाने से सब चौपट हो गया है। परीक्षा में करीब दो हजार अभ्यर्थियों का परिणाम इनवैलिड श्रेणी में है। सचिव सुत्ता सिंह से अभ्यर्थी मुलाकात नहीं कर सके। सचिव ने बताया कि बाहर होने के कारण मेरी मुलाकात किसी से नहीं हो सकी। शासनादेश में स्पष्ट है कि ओएमआर शीट में समुचित सूचनाएं नहीं देने वाले अभ्यर्थियों की कॉपियों का मूल्यांकन नहीं होगा। ऐसे में वह क्या कर सकती हैं। प्रदर्शन में पंकज कुमार पांडेय, दीपिका गुप्ता, अरविन्द पटेल, अर्पण सरोज, उदय प्रताप सिंह, वीर बहादुर सिंह, अनुष्का यादव, विनय त्यागी आदि रहे।परीक्षा नियामक कार्यालय पर प्रदर्शन करते अभ्यर्थी’ जागरण