1.12.16

कल सभी साथियों के साथ मुख्यमंत्री जी का उनके आवास पर घेराव करने की पूरी कोशिश किया गया

मित्रों जैसाकि आप जानते हैं कि धरना 29 नवंबर से अनवरत चल रहा है और संगठन के पदाधिकारी अपने स्तर से पूरी ईमानदारी से कोशिश भी कर रहे हैं।जब तक संगठन ने धरने की घोषणा नहीं किया था तब तक तो यह लग रहा था कि संगठन केवल घोषणा भर कर दे तो अनुदेशकों का मेला उमड़ पड़ेगा।मुझे यह कहने में तनिक भी संकोच नहीं हो रहा है कि धरने में अनुदेशकों की संख्या अत्यंत कम आ रही है।कहाँ गये वो लोग जो सोशल मीडिया पर संगठन के उपर उंगली उठाने में सबसे आगे रहते हैं।कुछ लोग तो खोजते रहते है कि तेजस्वी और अन्य पदाधिकारी कहाँ हैं आज संगठन उनको खोज रहा है तो उनका कहीं पता नहीं चल रहा है।फोन करने पर तरह तरह के बहाने बताए जा रहे हैं तो मैं यह कहना चाहूँगा कि धरना स्थल पर जितने लोग आये हैं उनका भी एक परिवार है,उनको भी ठण्डक लगती है, उनके लिए भी वही कुहरा है,उन्हें भी समाज में शादी ब्याह और अन्य निमंत्रण अटेंड करने हैं और उनके साथ भी नोटबंदी की वही समस्या है।
         मित्रों,संगठन ने धरना लगा दिया है और टेंट, माइक और बैठने की व्यवस्था भी कर दिया है।अब अगर इस जंग में हम,आप सबकी लापरवाही के वजह से पीछे रह जाते हैं तो निवेदन है सोशल मीडिया के जांबाजों से कि कभी भी संगठन को दोष देने की गलती मत करिएगा।संघर्ष के इस अंतिम सत्र में जो लोग ईमानदारी से संघर्ष कर ले रहे हैं वो मनवांछित चीज पा भी ले रहे है।संगठन के पदाधिकारी अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं और करते भी रहेंगे।आप लोग अगर अपने अपने घरों में छुप कर बैठे रह जाते है या अपने अपने प्रधानाध्यापक की सेवा में ही लगे रह जाते हैं तो अभी तो नहीं आने वाले दिनों में केवल पश्चाताप ही हाथ रह जायेगा।
           पदाधिकारियों से भी एक आग्रह है कि जो पदाधिकारी पद लेकर अपने पद के साथ न्याय नहीं कर पा रहे हैं मुझे लगता है कि अनुदेशक हित में उन्हें स्वेच्छा से अपना पद छोड़ कर किसी समर्पित अनुदेशक को आगे लाना चाहिए। अनुदेशक साथियों से भी अनुरोध है कि अपने जिले से प्रदेश पदाधिकारी,जिला कार्यकारिणी और ब्लाक कार्यकारिणी के पदाधिकारियों से भी यह पूंछना चाहिए कि वो संघर्ष में कितना साथ दे रहे हैं।अगर किसी कारण वश साथ नहीं दे पा रहे हैं तो पद लेकर ही क्यों बैठे हैं।
         मित्रों कल सभी साथियों के साथ मुख्यमंत्री जी का उनके आवास पर घेराव करने की पूरी कोशिश किया गया था लेकिन उनका लगातार स्वमी रामदेव के साथ कार्यक्रम होने के कारण यह पूरा न हो पाया लेकिन कल शुक्रवार को एकबार फिर से प्रयास किया जायेगा।आज से प्रदेश अध्यक्ष तेजस्वी शुक्ल,मैं भोला नाथ पाण्डेय, सुशील पाण्डेय(बुंदेलखंड जोन प्रभारी),सर्वेश द्विवेदी(जिला महामंत्री जौनपुर) भूख हड़ताल पर बैठ गये हैं और आत्मदाह की चेतावनी भी दे दिया गया है। आत्मदाह की चेतावनी के बाद प्रशासन अत्यधिक सक्रिय हो गया है और माननीय मुख्यमंत्री जी से मुलाकात कराने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।
         कल कुछ साथी(नेताजी लोग) धरना स्थल पर चोरी से यह देखकर खुश होने के लिए आये थे कि धरने में संख्या बल नहीं है।उन साथियों को शर्म आनी चाहिए कि अनुदेशकों के धरने को फ्लाप होते देखना चाहते हैं।आना है तो सडक के किनारे चोरी से नहीं बल्कि मंच तक आइए और सहयोग करिए जैसा कि उच्च प्राथमिक अनुदेशक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने आगे बढ़कर किया था।सफलता मिलेगी तो सबको मिलेगी और अगर कदाचित कुछ गलत होता है तो वह सबके साथ ही गलत होगा।
           अंत में आप सबसे हाथ जोड़कर अनुरोध है कि चाकरी जैसे महत्वपूर्ण कार्य से दो दिन निकाल कर अपने अधिकार के लिए हो रहे संघर्ष में साथ दे दीजिए।वहाँ विद्यालय में समय देने पर आपको अपने प्रधानाध्यापक और अधिकारियों के नजदीक पंहुचाने और अच्छे ढंग से चाकरी करने का मौका मिलेगा जबकि यहाँ समय देने पर आप अपने अधिकारों के नजदीक जायेंगे और ससम्मान जीवन जीने का अच्छा मौका मिल सकता है।

-......तो निकलिए घरों से और पंहुचिए धरने में.....-

आपके संघर्षों का साथी
भोला नाथ पाण्डेय
प्रदेश महासचिव
9936451852(W)
उच्च प्राथमिक अनुदेशक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, उ०प्र०                        

कोई भी लक्ष्य बड़ा नही

*कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं ,*
*जीता वही जो डरा नहीं |*

*सभी साथियो को नमस्कार*
साथियो  धरने में संख्या देखकर बहुत निराशा हुई।धरने के शुरू होने से पहले हमारे बहुत से साथी ग्रुप पर सक्रिय दिख रहे थे बहुत हल्ला बोला जा रहा था पर जब जमीनी स्तर पर लड़ने की बारी आई तो सभी शांत होकर घरो में बैठ गए। साथियो आज मैं आप सभी से बस एक बात पूछना चाहता हूँ संगठन जो अनुदेशक हित के लिए अपना घर छोड़कर लखनऊ में अनुदेशक हित के लिए लड़ रहा है उसका फायदा क्या सिर्फ पदाधिकारियो को होगा  आप लोगो का क्या कोई लाभ नही या आप सभी ने एक मानसिकता बना ली है कि हमे तो धरने में नही जाना जब कुछ भला होगा तो हमारा भी हो जायेगा। साथियो लड़ाई कभी भी अकेले नही जीती जाती लड़ाई को जीतने के लिए आवश्यक है संख्या बल पर हमारा संख्या बल तो घरो में बैठा हुआ है और व्हटसप और फेसबुक के जरिये धरने पर नजर बनाये हुए है। साथियो ये वक़्त ऐसा है जिस भी संगठन ने अपना संख्या बल दिखया है उसे कुछ न कुछ मिला जरूर है। साथियो क्या हम अनुदेशक इतने सक्षम नही की एक बार संख्या बल का एहसास करा कर शासन को मजबूर कर दे अपनी मांगो को मनवाने के लिए साथियो अब कायरता छोड़ो अब घरो में बैठकर कुछ भी हासिल नही होने वालाआइये हम सब साथ मिलकर इस अनुदेशक हित की लड़ाई को लड़े और दिखा दे अनुदेशको की ताक़त को और छीन ले अपना हक़ और सम्मान। क्योंकि ये इस चुनावी वर्ष की अंतिम लड़ाई है और अगर हम सबने अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर दिया तो सफलता निश्चित ही प्राप्त होगी। इसलिए सभी साथियो से मेरा विनम्र निवेदन हैं आप सभी धरना स्थल पर जरूर पहुंचे।

*हौसले बुलन्द कर रास्तो पर चल दे,*
*तुझे तेरा मुकाम मिल जायेगा,*
*अकेला तू पहल कर,*
*काफिला खुद ब खुद बन जायेगा!!!*

*निवेदक*
*मुकेश सिंह तोमर*
*प्रदेश मंत्री*

अनुदेशक अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन

अनुदेशक अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन
Vishal Srivastava Anudeshak's photo.
Vishal Srivastava Anudeshak's photo.
Vishal Srivastava Anudeshak's photo.

वर्ष 2016 बोनस का शासनादेश और विल बना कर प्रस्तुत करवाने के सम्बन्ध में शासनादेश जारी

वर्ष 2016 बोनस का शासनादेश और विल बना कर प्रस्तुत करवाने के सम्बन्ध में शासनादेश जारी