मित्रों,संगठन ने धरना लगा दिया है और टेंट, माइक और बैठने की व्यवस्था भी कर दिया है।अब अगर इस जंग में हम,आप सबकी लापरवाही के वजह से पीछे रह जाते हैं तो निवेदन है सोशल मीडिया के जांबाजों से कि कभी भी संगठन को दोष देने की गलती मत करिएगा।संघर्ष के इस अंतिम सत्र में जो लोग ईमानदारी से संघर्ष कर ले रहे हैं वो मनवांछित चीज पा भी ले रहे है।संगठन के पदाधिकारी अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं और करते भी रहेंगे।आप लोग अगर अपने अपने घरों में छुप कर बैठे रह जाते है या अपने अपने प्रधानाध्यापक की सेवा में ही लगे रह जाते हैं तो अभी तो नहीं आने वाले दिनों में केवल पश्चाताप ही हाथ रह जायेगा।
पदाधिकारियों से भी एक आग्रह है कि जो पदाधिकारी पद लेकर अपने पद के साथ न्याय नहीं कर पा रहे हैं मुझे लगता है कि अनुदेशक हित में उन्हें स्वेच्छा से अपना पद छोड़ कर किसी समर्पित अनुदेशक को आगे लाना चाहिए। अनुदेशक साथियों से भी अनुरोध है कि अपने जिले से प्रदेश पदाधिकारी,जिला कार्यकारिणी और ब्लाक कार्यकारिणी के पदाधिकारियों से भी यह पूंछना चाहिए कि वो संघर्ष में कितना साथ दे रहे हैं।अगर किसी कारण वश साथ नहीं दे पा रहे हैं तो पद लेकर ही क्यों बैठे हैं।
मित्रों कल सभी साथियों के साथ मुख्यमंत्री जी का उनके आवास पर घेराव करने की पूरी कोशिश किया गया था लेकिन उनका लगातार स्वमी रामदेव के साथ कार्यक्रम होने के कारण यह पूरा न हो पाया लेकिन कल शुक्रवार को एकबार फिर से प्रयास किया जायेगा।आज से प्रदेश अध्यक्ष तेजस्वी शुक्ल,मैं भोला नाथ पाण्डेय, सुशील पाण्डेय(बुंदेलखंड जोन प्रभारी),सर्वेश द्विवेदी(जिला महामंत्री जौनपुर) भूख हड़ताल पर बैठ गये हैं और आत्मदाह की चेतावनी भी दे दिया गया है। आत्मदाह की चेतावनी के बाद प्रशासन अत्यधिक सक्रिय हो गया है और माननीय मुख्यमंत्री जी से मुलाकात कराने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।
कल कुछ साथी(नेताजी लोग) धरना स्थल पर चोरी से यह देखकर खुश होने के लिए आये थे कि धरने में संख्या बल नहीं है।उन साथियों को शर्म आनी चाहिए कि अनुदेशकों के धरने को फ्लाप होते देखना चाहते हैं।आना है तो सडक के किनारे चोरी से नहीं बल्कि मंच तक आइए और सहयोग करिए जैसा कि उच्च प्राथमिक अनुदेशक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने आगे बढ़कर किया था।सफलता मिलेगी तो सबको मिलेगी और अगर कदाचित कुछ गलत होता है तो वह सबके साथ ही गलत होगा।
अंत में आप सबसे हाथ जोड़कर अनुरोध है कि चाकरी जैसे महत्वपूर्ण कार्य से दो दिन निकाल कर अपने अधिकार के लिए हो रहे संघर्ष में साथ दे दीजिए।वहाँ विद्यालय में समय देने पर आपको अपने प्रधानाध्यापक और अधिकारियों के नजदीक पंहुचाने और अच्छे ढंग से चाकरी करने का मौका मिलेगा जबकि यहाँ समय देने पर आप अपने अधिकारों के नजदीक जायेंगे और ससम्मान जीवन जीने का अच्छा मौका मिल सकता है।
-......तो निकलिए घरों से और पंहुचिए धरने में.....-
आपके संघर्षों का साथी
भोला नाथ पाण्डेय
प्रदेश महासचिव
9936451852(W)
उच्च प्राथमिक अनुदेशक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, उ०प्र०






