23.3.17

अब दिव्यांगों को गांवों के स्कूलों में मिलेगी शिक्षा

कौशांबी : जिले के दिव्यांग बच्चों को पढ़ाई के लिए भटकना नहीं होगा। गांव के प्राथमिक व जूनियर स्कूलों में उन्हें शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए मास्टर ट्रेनरों  द्वारा शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वह दिव्यागों को आसानी से शिक्षा दे सकेंगे। सर्व शिक्षा अभियान के तहत संचालित की जा रही 
समेकित शिक्षा के अंतर्गत जनपद के परिषदीय विद्यालय में तैनात शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए बुधवार से जिला मुख्यालय के डायट हाल में प्रशिक्षण शिविर चलाया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर विकास पांडेय ने कहा कि पांच दिन तक शिक्षकों को विशेष जानकारी दी जाएगी। इसके बाद संबंधित शिक्षक दिव्यांग बच्चों को भी शिक्षित कर सकेंगे। कहा कि पठन-पाठन के लिए उन्हें बुक व किताबें भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन जिला विकलांग कल्याण अधिकारी अजय कुमार सिंह ने किया। इस मौके पर शिक्षक राजीव, पुष्पेद्र, इरशाद अहमद, कृष्ण कुमार, रामबहादुर, अनिल आदि मौजूद रहे।

32000 शिक्षामित्रों को मौलिक नियुक्ति की मांग, अवमानना याचिका की सुनवाई 31 मार्च को

32000 शिक्षामित्रों को मौलिक नियुक्ति की मांग, अवमानना याचिका की सुनवाई 31 मार्च को
प्रदेश में 2001 से कार्यरत 32000 असमायोजित शिक्षामित्रों को मौलिक नियुक्ति दिए जाने के लिए समायोजित शिक्षकों ने अवमानना याचिका दायर की है। याचिका में राज्य और विभागीय बेसिक शिक्षा सचिव और एससीइआरटी निदेशक
को प्रतिवादी बनाया गया है। बरेली के एमएससी ग्रुप के रबी बहार, केसी सोनकर, मुहम्मद फैसल और उनके साथियों ने बताया कि 32000 शिक्षामित्रों को मात्र 3500 रूपये मिलते हैं,जबकि ये पिछले 16 वर्षों से शिक्षकों के समान पूरा विद्यालय सँभालते हैं। इनके अधिकार दिलवाने के लिए हमारा ग्रुप आगे आया है। याचिका में समान कार्य समान वेतन के साथ मौलिक नियुक्ति की मांग की गई है। इस याचिका के माध्यम से हिमाचल प्रदेश, झारखंड आदि राज्यों के पारा शिक्षकों को भी जोड़ा जायेगा। इस के पक्ष में देश के जाने माने मानवाधिकारवादी वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ कॉलिन गोंसाल्विस बहस करेंगे। केस की सुनवाई 31 मार्च को होगी।

©मिशन सुप्रीम कोर्ट।।

देश के समस्त अस्थाई व अप्रशिक्षित सेवारत अध्यापक साथियो कों बधाई:सरकार ने अप्रशिक्षित को प्रशिक्षित करने की अवधि बढा कर 31 मार्च 2019 की

देश के समस्त अस्थाई व अप्रशिक्षित सेवारत अध्यापक साथियो कों बधाई*।
अखिल भरतीय अस्थाई अध्यापकों (शिक्षामित्र,पैरा टीचर,गैस टीचर,शिक्षा प्रोवाइडर,शिक्षा कर्मी,विधार्थी मित्र,रहबरे तालीम,बस्तीशाला शिक्षक आदि) पूरे देश मे कार्यरत है,उत्तर प्रदेश मे कार्यरत शिक्षा मित्रों को प्रशिक्षण देकर ट्रेन्ड कर दिया गया है कुछ चार, पाँच सौ की संख्या में प्रशिक्षण से बांचित शिक्षा मित्रों का प्रशिक्षण अब हो सकेगा।

इस संसोधन का लाभ देश भर में कार्यरत पैरा टीचरों को बडे पैमाने पर लाभ मिलेगा और जो भी अप्रशिक्षित रह गये है उन्हे अब प्रशिक्षण मिल सकेगा ।
*अखिल भारतीय अस्थाई अध्यापक महासंघ*
*की प्रतिनिधि सम्मेलन कुरुक्षेत्र हरियाणा में इस माँग को उठाया गया था*
तथा कई बिन्दुओ पर आर०टी० एक्ट में संसोधन करने की माँग की गयी थी।तथा *भारत सरकार को मॉग पत्र दिया गया था*
मित्रों अभी और संसोधन होना है देश भर में कार्यरत शिक्षा मित्राें कों शिक्षक बनाये जाने का RTE Act में संसोधन कर शिक्षक बनाया जा सकता है इसका भी स्पष्टआदेश आना बाकी है उम्मीद है की यह भी बहुत जल्द संसोधित हो जाएगा इस पर अखिल भारतीय अस्थाई शिक्षक महासंघ कार्य कर रहा है।
*कल RTE Act में संसोधित कर अब अप्रशिक्षित सेवारत अस्थाई अध्यापको को(जो अनेकों नाम से सभी प्रदेशों में जाने जाते है)इनका प्रशिक्षित करने की अवधि बढा कर 31 मार्च 2019 तक कर दी गयी है।*
धन्यवाद सभी देश भर के अस्थाई अध्यापको की लडाई लड रहे शिक्षक प्रतिनिधियों को ।
                 *भवदीय*
*गाजी इमाम आला*(राष्ट्रीय संरक्षक)उ०प्र०
*सुनील चौहान*(राष्ट्रीय अध्यक्षं)हिमांचल प्रदेश
*कौशल सिहं* (राष्ट्रीय प्रवक्ता)
*पुनीत चौधरी*(कोषाध्यक्ष)
*शशिभूषन*(महासचिव )हरियाणा प्रदेश
*रमीयुल इस्लाम शेख*(बरिष्ठ उपाध्यक्ष) बंगाल प्रदेश
           
*अखिल भारतीय अस्थाई शिक्षक महासंघ*

शिक्षामित्रों को नई सरकार से बंधी आस, सुप्रीमकोर्ट में बीजेपी शिक्षामित्रों की करेगी मजबूत पैरवी 😁😁😁

शिक्षामित्रों को नई सरकार से बंधी आस, सुप्रीमकोर्ट में बीजेपी शिक्षामित्रों की करेगी मजबूत पैरवी
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