26.3.17

बीएसए साहब! कार्यालय परिसर में ऐसी गंदगी: मुख्यमंत्री के फरमान के के बाद भी सुस्त बैठे हैं अधिकारी, कार्यालय परिसर की गंदी दीवारें बता रहीं स्वच्छता अभियान की हकीकत

बलरामपुर : मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के एक्शन का जिले के अधिकारियों पर असर नहीं दिख रहा है। सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता का संकल्प तो लिया जा रहा है लेकिन पान के पीक के धब्बे दीवार पर बढ़ते ही जा रहे हैं। शनिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व तहसील भवन की लचर सफाई व्यवस्था देखने को मिली। 1बीएसए कार्यालय के प्रथम तल के लिए बनी सीढ़ी के बगल वॉटर कूलर लगा है। वाटर कूलर के पास
फैली गंदगी को देख जानवर भी पानी पीने से कतरा जाएंगे लेकिन बीएसए साहब को यह गंदगी नहीं दिख रही है। बीएसए कक्ष के बगल में लोहे की अलमारी रखी है। अलमारी के पीछे पान मसाला के पीक की गंदगी दिखती है।1 इस कार्यालय का शायद ही कोई कक्ष हो जहां पान की पीक के गहरे धब्बे न दिखे। कार्यालय के मुख्य गेट पर ही पान मसाला की थूक आने जाने वालों को दिखती है। यही नहीं कार्यालय में कर्मचारी अभी भी मसाला खाकर बैठते हैं। 1इस तरह सदर तहसील के भवन में चारों तरफ पान मसाला की पीक दिखती है। ऊपरी मंजिल के लिए बनी सीढ़ी पर जिस स्थान पर थूकना मना है लिखा है। उसी के पास पान मसाला की पीक की मोटी लेयर दिखती है। 1इसी सीढ़ी पर चलकर तहसील दिवस में जिलाधिकारी भी सभाकक्ष तक जाते हैं। लेकिन इसके बाद भी पान मसाला की थूक साफ नहीं की गई। सरकारी कार्यालयों भवनों की दीवार व खिड़की पान मसाला की थूक से लाल हो गई है। मुख्यमंत्री के सख्त हिदायत के बाद भी जिले के अधिकारी सफाई को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे है। 1विकास भवन, सिंचाई विभाग, अधिशासी अभियंता कार्यालय विद्युत सहित अन्य कार्यालयों की दीवारें पान मसाला की पीक से लाल हैं। 1बीएसए कक्ष के बगल रखी अलमारी पर थूका गया पान मसालासदर तहसील में दीवाल पर थूका गया पान का पीकबीएसए कार्यालय के गेट पर थूका गया पान का पीकबेसिक शिक्षा कार्यालय में आरओ के किनारे जमी गंदगी’ जागरण

फर्जी आठ शिक्षकों की तैनाती निरस्त, डीएम की फटकार के बाद बीएसए ने की कार्रवाई

सोनभद्र : प्रदेश में नई सरकार के बनने के बाद परत-दर परत भ्रष्टाचार का मामला उजागर होने लगा है। इसमें एक है सोनभद्र में आठ शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति का। हालांकि इसकी जांच अक्टूबर से ही चल रही थी लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इसमें शनिवार को नया मोड़ तब आ गया जब डीएम प्रमोद कुमार उपाध्याय ने बीएसए को फटकार लगाई। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा  अधिकारी ने आठों शिक्षकों की नियुक्ति को फर्जी करार देते हुए निरस्त कर दिया। 1 यह कार्रवाई अपर जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। इसमें तत्कालीन व वर्तमान बीएसए के अलावा लिपिक पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।प्रदेश में 16448 सहायक अध्यापकों की भर्ती में जिले में जमकर खेल हुआ था। कुछ अभ्यर्थियों की फर्जी तरीके से काउंसिलिंग कराकर उनकी नियुक्ति किए जाने की शिकायत तत्कालीन डीएम सीबी सिंह से कुछ अभ्यर्थियों ने अक्टूबर में की थी। डीएम ने अपर जिलाधिकारी रामचंद्र को जांच अधिकारी नामित किया। मामले को गत वर्ष 29 नवंबर के अंक में दैनिक जागरण ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसमें पांच शिक्षकों की नियुक्ति को फर्जी करार दिया गया था। इसके बाद एडीएम ने विभिन्न पहलुओं का बारीकी से जांच करने के बाद सात पन्ने की रिपोर्ट सात फरवरी को जिलाधिकारी को सौंप दी थी। इसमें आठ शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति की बात सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार रश्मि तिवारी निवासी कौशांबी, अंशू देवी निवासी फतेहपुर, राधेश्याम निवासी कौशांबी, रीनू देवी निवासी कौशांबी, उपेंद्र निवासी कौशांबी, अंजु सिंह निवासी कानपुर नगर, मंजू देवी निवासी फतेहपुर व नीलू देवी निवासी फतेहपुर की नियुक्ति एवं पदस्थापन निरस्त करने की संस्तुति की गई थी। इसके अलावा तत्कालीन बीएसए मनभरन राम राजभर (वर्तमान बीएसए मीरजापुर), वर्तमान बीएसए अमरनाथ सिंह, बीएसए कार्यालय के वरिष्ठ सहायक देवेश नारायण शुक्ल के विरुद्ध आपराधिक एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की भी संस्तुति की गई है। विधानसभा चुनाव प्रक्रिया के कारण यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया लेकिन फर्जी नियुक्ति का जिन्न शुक्रवार की शाम अचानक निकल पड़ा। डीएम ने इस मामले में शुक्रवार को एक बैठक के दौरान बीएसए अमरनाथ सिंह को फटकार लगाई। इसके बाद बीएसए ने शनिवार को सभी आठों फर्जी नियुक्तियों को निरस्त कर दिया।1’>>जिलाधिकारी की फटकार के बाद अंतत: बीएसए ने की कार्रवाई 1’>>वर्तमान व तत्कालीन बीएसए सहित लिपिक पर भी होगी कार्रवाई 1आठों शिक्षकों की नियुक्ति निरस्त कर दी गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी की कार्रवाई रिपोर्ट से मैं संतुष्ट नहीं हूं। पूरे मामले की जांच अपने स्तर पर कर रहा हूं। अगर जांच में पूर्व व वर्तमान बीएसए की संलिप्तता मिली तो रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी’1प्रमोद कुमार उपाध्याय, जिलाधिकारी, सोनभद्र।

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