17.3.17

विज्ञान के अभ्यर्थियों को कटऑफ और अंक घोषित होने का इंतजार

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड अभी अंग्रेजी का प्रकरण सुलझा नहीं पाया है, इसी बीच स्नातक शिक्षक यानी टीजीटी 2013 विज्ञान के रिजल्ट पर सवाल खड़े हो गए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा परिणाम जारी होने के 14 दिन बाद भी कटऑफ और अंक क्यों घोषित नहीं हो पा रहे हैं। साथ ही भर्ती
की विज्ञप्ति के समय घोषित हुए पद भी घट गए हैं। चयन बोर्ड ने बीते दो मार्च की देर रात टीजीटी 2013 विज्ञान विषय का अंतिम परिणाम जारी किया है। तमाम अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करके साक्षात्कार दिया था, लेकिन उनका चयन नहीं हो सका है। ऐसे में वह अंक व कटऑफ देखने के लिए हर दिन वेबसाइट को निहार रहे हैं, लेकिन 14 दिन बाद भी कटऑफ जारी नहीं किया गया है। युवाओं का कहना है कि अन्य विषयों के अंक व कटऑफ चंद दिनों में जारी हुए हैं इस विषय के साथ इतनी देरी क्यों हो रही है। प्रतियोगियों का कहना है कि कटऑफ में अन्य विषयों के मुकाबले बड़ा अंतर होने के कारण वह बाहर हुए हैं। साथ ही एक क्षेत्र विशेष के लोगों का चयन हुआ है। साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं दिव्यांग आदि के अभ्यर्थी मानक के विपरीत उत्तीर्ण हुए हैं। विज्ञान विषय में भी चयन होने तक करीब दो सौ से अधिक सीटें घट गई हैं। साथ ही जीव विज्ञान के अभ्यर्थियों का विज्ञान में चयन किया जा रहा है। युवा रमाकांत, धर्मदेव, सुदीप सिंह व आनंद पाल आदि ने चयन बोर्ड में इस संबंध में प्रत्यावेदन भी दिया है। अफसरों ने जल्द ही कटऑफ जारी करने का आश्वासन दिया है।’>>परीक्षा परिणाम जारी होने के 14 दिन बाद भी नहीं जारी हो रहे अंक 1’>>जीव विज्ञान के अभ्यर्थियों को भी विज्ञान में दिया गया मौका

कर्मचारियों की पेंशन ग्रेच्युटी दबाए बैठे बाबू

इलाहाबाद : सिंचाई विभाग के नलकूप खंड प्रथम के बाबू अपने ही कर्मचारियों के भविष्य का पलीता लगा दिए हैं। बाबुओं ने कर्मचारियों का ईपीएफ और एनपीएस जमा ही नहीं किया। जब वह रिटायर हुए तो पेंशन और
ग्रेच्युटी नहीं मिली। परेशान होकर वह कर्मचारी कोर्ट गए तब भी सालों से रिकार्ड बैठे बाबू काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में रिटायर कर्मियों की परेशानी और बढ़ गई है।1नलकूप खंड प्रथम में कमला कांत उपाध्याय सर्वेयर के पद पर तैनात थे। वह सालों से कैजुअल काम करते लेकिन रिटायरमेंट से तीन साल पहले 2011 में वह स्थाई हो गए। ग्रुप सी पद स्थाई होने के बाद 2014 में रिटायर हो गए। जब रिटायर हुए तो न तो उन्हें पेंशन मिली और न ही ग्रेच्युटी या अन्य सुविधाएं। वह दो साल तक इंतजार करते रहे कि कुछ मिलेगा। दफ्तर के चक्कर लगाने के बाद कुछ नहीं मिला तो वह हाईकोर्ट गए। अब हाईकोर्ट ने नलकूप खंड को उनका हिसाब करने को कहा तो अफसरों को जवाब देते नहीं बन रहा है। अधिशासी अभियंता केबी सिंह कमला कांत का रिकार्ड निकलवाया तो पता चला उनका ईपीएफ या अन्य फंड जमा ही नहीं हुआ जबकि उनके वेतन से कटौती हुई थी। उन्होंने बताया कि यहां तैनात बाबुओं ने उनके वेतन से कटौती की लेकिन पैसा जमा नहीं किया। यह मामला अभी सुलझता कि कई और कर्मचारी ईपीएफ और न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) की कटौती न किए जाने की शिकायत की है। वहीं कमलेश सिंह भी फंड कटौती न किए जाने से कोर्ट में याचिका दायर की है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि बाबुओं की लापरवाही से कई कर्मचारी परेशान हैं। उन्होंने लापरवाह बाबुओं की फटकार लगाई।

इलाहाबाद में एक केंद्र की परीक्षा निरस्त: यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन सत्ता परिवर्तन का असर

जासं, इलाहाबाद : यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन सत्ता परिवर्तन का असर दिखा। हर जगह सख्ती नजर आई। इलाहाबाद, कौशांबी व प्रतापगढ़ में 45 नकलची पकड़े गए। 26,317 परीक्षार्थियों ने परीक्षा ही छोड़ दी। इलाहाबाद में एक केंद्र की परीक्षा निरस्त कर काली सूची में डाल दिया गया। 1इलाहाबाद के करछना के
धरवारा स्थित लालबहादुर शास्त्री कालेज में इंटर की परीक्षा में अनियमितताएं मिलीं तो परीक्षा निरस्त कर दी गई। जिले में हाईस्कूल में 15, 218 छात्र-छात्रओं की गैरहाजिरी दर्ज की गई। प्रतापगढ़ में पट्टी स्थित कर्मा देवी कालेज भरोखन में दूसरे के स्थान पर परीक्षा दे रहे अजय को सचल दल ने पकड़ लिया। वह यशोदा नंदन इंटर कालेज डम्मर नगर के हाईस्कूल छात्र रशीद के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। पहली पाली में हाईस्कूल के 7296 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। जिले में दो छात्रएं नकल करते पकड़ी गईं। कौशांबी में पहली पाली में 3803 विद्यार्थियों ने परीक्षा छोड़ी। यहां दो छात्र अनुचित संसाधन का प्रयोग करते पाए गए।

ईसीसी में प्राचार्य व शिक्षक को बंधक बनाया, कॉलेज परिसर में शहीद भगत सिंह की मूर्ति लगाने की मांग को लेकर हंगामा

यूइंग क्रिश्चियन कालेज में गुरुवार को दिन भर हंगामा चला। कालेज में भगत सिंह की मूर्ति लगाने की मांग को लेकर छात्रसंघ अध्यक्ष गोपाल पांडेय व छात्रनेताओं ने प्रदर्शन कर प्राचार्य एम मैसी समेत अध्यापकों को
बंधक बना लिया। 1ईसीसी परिसर में शहीद भगत सिंह की मूर्ति लगाने की मांग कर कई दिनों से छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। कई दौर की बातचीत के बाद प्राचार्य ने मूर्ति स्थापित किए जाने से इन्कार कर दिया था। इसी मांग को लेकर गुरुवार को छात्रनेताओं ने हंगामा किया। अध्यक्ष गोपाल पांडेय के साथ इविवि छात्रसंघ समेत अन्य महाविद्यालयों के छात्रनेता भी ईसीसी पहुंच गए। मुख्य गेट का ताला बंद कर दिया। प्राचार्य समेत अन्य अध्यापकों के बंधक बनाए जाने से खलबली मच गई। देर रात तक मामले को लेकर हंगामा चलता रहा। आखिरकार एएसपी के आश्वासन के बाद प्राचार्य की छात्रनेताओं से बात हुई और तब मामला शांत हुआ। संबंधित पेज09।’>>कॉलेज परिसर में शहीद भगत सिंह की मूर्ति लगाने की मांग को लेकर हंगामा 1’ छात्रों ने सभी गेटों पर लगा दिया ताला, कॉलेज पहुंची पुलिस ने संभाले हालातईसीसी के गेट पर ताला लगाते छात्र।