21.4.17

परिषदीय स्कूल की दशा और दुर्दशा सुधारने के लिए गुरु मन्त्र

परिषदीय स्कूल की दशा और दुर्दशा सुधारने के लिए गुरु मन्त्र -1- सभी विद्यालयों को मिड डे मील, निर्माण, छात्रवृति से मुक्ति दी जाए।
2- सभी अध्यापक समय से उपस्थित होकर केवल शिक्षण पर फोकस करेंगे।
3- प्रति बच्चा 10 rs प्रतिमाह फीस हो, ताकि बच्चों का फर्जीकरण रोका जा सके।
4-शिक्षकों की समस्या निस्तारण के लिए brc लेवल पर ऑनलाइन/ऑफलाइन शिकायत प्रकोष्ठ रखा जाए, जिसकी अपील 1 माह बाद Bsa से कर सकता है।
5- किसी भी शिक्षक नेता या संघठन के अधिकारी को स्कूल टाइम या बाद में भी ब्लाक या जनपद कार्यालय में घूमना वर्जित हो।
6-School की किसी भी समस्या के लिए Brc लेवल पर समिति गठित हो, जो बच्चों सहित सभी समस्याओं का निस्तारण करेंगे।
7- बच्चों को कक्षा 4 के बाद उत्तीर्ण/ अनिउत्तीर्ण करने का प्रविधान हो।
8- तीन माह में ग्राम स्तर पर अभिवावकों के साथ बैठक हो, जिसमे बच्चों के अभिवावकों को आना अनिवार्य हो। अपने बच्चे के प्रति अभिवावकों की जवाबदेही हो।
9- सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को उत्तर प्रदेश के अधीन नौकरी में 30% आरक्षण दिया जाए।
10- किसी भी स्तर पर स्कूल लेवल पर धनराशि को न भेजा जाए, ताकि शिक्षको पर लगने वाले भ्रस्टाचार लेवल से मुक्ति मिल सके।
11- स्कूल न जाने वाले /पढ़ाने न वाले अध्यापक की शिकायत पुष्टी होने पर 6माह आधा वेत्तन ही दिया जाए।
12- बेसिक शिक्षा में व्याप्त भ्रस्टाचार की रोकथम के लिए एक स्वतंत्र संस्था का गठन हो।
13- रिश्वत की मांग करने वाले अधिकारी और कर्मचारी को पुष्टि होने पर टर्मिनेट सहित कठोर दंड करने का पूर्ण अधिकार स्वतंत्र संस्था को होना चाहिए।
14- स्कूलस्तर के वातावरण एवं शैक्षिक गुणवत्ता सुधार के लिए प्रोत्साहित करे, अच्छे गुणवत्ता वाले स्कूल के अध्यापको की पदोन्नति की जाए।
15- बच्चों के शैक्षिक सुधार हेतु NPRC, BRC, District लेवल पर वर्ष में एक वार परीक्षा हो।
16-ड्रेस एवं अन्य धनराशि के उपयोग के लिए जनपदस्तर से टेंडर प्रक्रिया के तहत कारवाही की जाए, जिसमें केवल Pcs स्तर के अधिकारी शामिल हो। सामग्री की जांच SMC करे।

सीधे स्कूल खातों में पहुचेंगा मिड डे मील का पैसा

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तपती धूप में धरने पर बैठे रहे प्रशिक्षु शिक्षक, UPTET-2011 के तहत 72825 शिक्षक भर्ती का मामला

तपती धूप में धरने पर बैठे रहे प्रशिक्षु शिक्षक, UPTET-2011 के तहत 72825 भर्ती का मामला

स्कूलों में नहीं बेची जा सकती ड्रेस और किताबें : सीबीएसई

 नई दिल्ली : .केंद्रीय .माध्यमिक .शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने निजी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वह अपने परिसर में व्यावसायिक तरीके से किताबें, स्टेशनरी और ड्रेस की ब्रिकी न करें। साथ ही स्कूलों को 
एनसीईआरटी की किताबों को अपने यहां लागू कराने का निर्देश दिया है। बोर्ड ने जारी सकरुलर में कहा है कि अभिभावकों की ओर से कई शिकायतें मिल रही हैं। स्कूल अपने यहां किताबें, स्टेशनरी व ड्रेस की बिक्री कर रहे हैं। निजी स्कूल बोर्ड की संबद्धता के नियमों एवं प्रावधानों का पालन करें और अपने परिसर में ड्रेस, किताबें, नोटबुक व स्टेशनरी सामग्रियों की ब्रिकी नहीं करें। उससे संबद्ध सभी स्कूलों को 12 अप्रैल 2016 के उस सकरुलर का पालन करना चाहिए जिसमें एनसीईआरटी की पुस्तकों का उपयोग करने को कहा गया है। स्कूलों को समझना होगा कि वह शैक्षणिक संस्थान हैं, व्यावसायिक प्रतिष्ठान नहीं।.